दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया और कोलंबिया ने इज़रायल की छूट खत्म करने की मांग की
ग़ाज़ा में 16 महीनों से अधिक समय से जारी इज़रायली सैन्य कार्रवाई और पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) में चल रही सैन्य कार्रवाइयों के बीच, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, कोलंबिया और द हेग ग्रुप के नेताओं ने एक संयुक्त लेख लिखकर इज़रायल की निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन में उसे दी जा रही छूट को समाप्त करने की मांग की है।
प्रसिद्ध मैगजीन फॉरेन पॉलिसी में प्रकाशित इस संयुक्त लेख में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने फिलिस्तीनी जनता पर हो रहे अत्याचारों की तुलना अपने-अपने देशों के औपनिवेशिक शासन, विद्रोह-विरोधी अभियानों, नस्लवाद और अन्य काले अध्यायों से की है। उन्होंने लिखा, “हमें फिलिस्तीनी जनता पर किए जा रहे हमलों में अपनी ही देशों के इतिहास के अंधकारमय दौर की झलक दिखती है।”
लेख में आगे लिखा गया है कि “हम भले ही अलग-अलग महाद्वीपों से आते हैं, लेकिन हमें यकीन है कि इस तरह के अपराधों में जो चुप्पी बनी हुई है, वह भी सहमति के समान है। फिलिस्तीनी जनता के अविच्छिन्न आत्मनिर्णय के अधिकार की रक्षा करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है।” द हेग ग्रुप के नेताओं ने एक निर्णायक चुनाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए लिखा, “यह एक कठिन विकल्प है: या तो हम अंतरराष्ट्रीय कानून को लागू करने के लिए एकजुट हों, या फिर इसके पतन का जोखिम उठाएं।”
तीनों देशों के नेताओं के साथ द हेग ग्रुप की प्रमुख वर्षा गुंडेकोटा नीलोतला भी इस लेख की सह-लेखिका हैं। गौरतलब है कि द हेग ग्रुप आठ देशों का प्रतिनिधित्व करता है, जो “इज़रायली अपराधों की जवाबदेही तय करने के लिए एक संगठित और निर्णायक कार्रवाई” करता है। इस समूह के सदस्य दक्षिण अफ्रीका ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में इज़रायल पर फिलिस्तीनियों के जनसंहार का आरोप लगाया है।