कुर्दिस्तान इराक को सैन्य सहायता कर सकता है बंद अमेरिका, पेशमर्गा बलों पर पड़ेगा असर

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र को दी जाने वाली सैन्य सहायता बंद करने की तैयारी में है। इस फैसले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से यह दावा सामने आया है। अगर वॉशिंगटन इस योजना पर आगे बढ़ता है, तो इराकी कुर्दिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और अमेरिका के लंबे समय से सहयोगी रहे पेशमर्गा बलों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कुर्दिस्तान क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में संकेत दिया है कि पेशमर्गा बलों को सुरक्षा सहायता देने वाले मौजूदा समझौते को आगे बढ़ाने की फिलहाल अमेरिकी सरकार की योजना नहीं है।

अमेरिकी सहायता बंद होने की संभावना से इराकी कुर्दिस्तान के अधिकारी चिंतित हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों को आशंका है कि सैन्य फंडिंग में कटौती से सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा खालीपन पैदा हो सकता है।

विश्लेषकों का कहना है कि पेशमर्गा बलों को मिलने वाली अमेरिकी सहायता खत्म होने से इराक में अमेरिका के एक पुराने और महत्वपूर्ण साझेदार की स्थिति कमजोर हो सकती है। साथ ही, इससे मध्य पूर्व में मौजूद अन्य अमेरिकी सहयोगियों के बीच भी यह संदेश जा सकता है कि संकट की स्थिति में वॉशिंगटन पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और इराकी कुर्दिस्तान की सरकार के बीच सैन्य सहयोग से जुड़ा मौजूदा समझौता 30 सितंबर को समाप्त होने वाला है। यह तारीख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी समय के आसपास अमेरिका और उसके सहयोगी इराक से अपने बचे हुए सैनिकों की वापसी पूरी करने की तैयारी में हैं।

इराकी कुर्दिस्तान की राजधानी एरबिल में स्थित अमेरिका का एकमात्र बचा हुआ सैन्य अड्डा भी गठबंधन सैनिकों की वापसी के बाद अगले महीने बंद किए जाने की योजना है।

इराकी कुर्दिस्तान में पेशमर्गा बलों की संख्या करीब 1.8 लाख बताई जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के एक कार्यक्रम के तहत इन बलों को हथियारों की खरीद और सैन्य प्रशिक्षण के लिए करीब 6.1 करोड़ डॉलर की सहायता दी गई।

पेशमर्गा बलों ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में अमेरिकी सैन्य सहायता समाप्त होने का फैसला क्षेत्र की सुरक्षा और अमेरिका-कुर्द संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

हालांकि, अमेरिकी सरकार की ओर से इस संभावित फैसले की अंतिम आधिकारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है। यदि मौजूदा समझौता वास्तव में आगे नहीं बढ़ाया जाता है, तो आने वाले समय में इराकी कुर्दिस्तान को अपनी सुरक्षा जरूरतों और सैन्य खर्च की व्यवस्था के लिए नए विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।

popular post

सूडान के आंतरिक संघर्ष में तल अवीव की संदिग्ध भूमिका

खार्तूम: सूडान में जारी आंतरिक संघर्ष के बीच इस्राईल शासन की कथित भूमिका और अर्धसैनिक

संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू

कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया

कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच

भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़

कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की

5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,

कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र

रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *