हम सीरिया पर इज़रायली हमलों की निंदा करते हैं: हिज़्बुल्लाह

हम सीरिया पर इज़रायली हमलों की निंदा करते हैं: हिज़्बुल्लाह

लेबनान के हिज़्बुल्लाह समूूह ने एक बयान में सीरिया, यमन, ग़ाज़ा और लेबनान पर अमेरिका और इज़रायली शासन के हमलों की निंदा की। इस बयान में कहा गया है कि ये आक्रामकताएँ युद्ध की निरंतरता हैं और यह क्षेत्रीय देशों के विरुद्ध अमेरिका और इज़रायली शासन की बुराई की धुरी है जिसने देशों की स्थिरता और सुरक्षा को बाधित किया है और उनकी संप्रभुता का उल्लंघन किया है।

अपने बयान में उसने इस बात पर जोर दिया कि सीरिया के खिलाफ बार-बार हमले और लगातार आक्रामकता इस देश को कमजोर करने और इसके पुनर्निर्माण को रोकने का एक प्रयास है। और यह इस देश की राष्ट्रीय संप्रभुता का घोर उल्लंघन है।

और यमन के खिलाफ अमेरिका की क्रूर आक्रामकता यमन के प्रतिरोधी समूह को ग़ाज़ा और फिलिस्तीन का समर्थन करने से रोकने का भी एक प्रयास है। हिज़्बुल्लाह ने इस बयान में घोषणा की कि वह इन अपराधों की निंदा करता है और सीरिया, यमन, प्रतिरोधी फिलिस्तीन और उनके लोगों के साथ खड़ा है।

बता दें कि सीरिया के नागरिकों को इस समय गंभीर मानवीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। असद सरकार के पतन के बाद, एक तरफ़ तालिबानी आतंकी अल-जूलानी ने तुर्की और इज़रायल के समर्थन से सत्ता पर क़ब्ज़ा करने के बाद वहां पर महिलाओं-पुरुषों और मासूम बच्चों का क़त्ले करना शुरू कर दिया है तो दूसरी तरफ़ इज़रायल भी हर रोज़ सीरिया पर वमबारी कर रहा है।

दूसरे शब्दों में कहा जाए तो सीरिया और ग़ाज़ा, आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज़ुल्मो-अत्याचार, और नरसंहार की प्रयोगशाला बन चुके हैं। ऐसा लगता है कि अल-जूलानी संगठन और इज़रायल की बीच मुक़ाबला चल रहा है कि, देखें ग़ाज़ा में कौन ज़्यादा अत्याचार करता है?

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