होर्मुज़ जलडमरुमध्य बंद होने के अमेरिकी तेल कंपनी एक्सॉन मोबिल को नुक़सान 

होर्मुज़ जलडमरुमध्य बंद होने के अमेरिकी तेल कंपनी एक्सॉन मोबिल को नुक़सान 

अमेरिका और इज़रायल के ईरान के खिलाफ युद्ध तथा तंग-ए-हुरमुज़ के बंद होने की स्थिति ने वैश्विक तेल बाज़ार में भारी उथल-पुथल पैदा कर दी है। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिकी ऊर्जा दिग्गज एक्सॉन मोबिल ने अपनी पहली तिमाही के नतीजों में मुनाफे में गिरावट की जानकारी दी है, भले ही तेल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी से उसकी कुल आय पर सकारात्मक असर पड़ा हो।

कंपनी के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे उसके अपस्ट्रीम कारोबार (जहाँ तेल और गैस का उत्पादन होता है) में लगभग 1.4 अरब डॉलर तक अतिरिक्त आय होने की संभावना बनी। आम तौर पर कीमतें बढ़ने पर उत्पादन करने वाली कंपनियों को सीधे लाभ होता है।

लेकिन दूसरी तरफ, एक्सॉन मोबिल को अपने डाउनस्ट्रीम कारोबार (रिफाइनिंग और उत्पादों की बिक्री) में बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। कंपनी का अनुमान है कि इस हिस्से में लगभग 5.3 अरब डॉलर का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसका मुख्य कारण है:

डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स का असर: कंपनी पहले से तय कीमतों पर सौदे करती है ताकि जोखिम कम किया जा सके, लेकिन अचानक कीमतों में तेज़ बदलाव से इन सौदों में नुकसान हो सकता है।

सप्लाई चेन में रुकावट: तंग-ए-हुरमुज़ जैसे अहम समुद्री मार्ग के बाधित होने से कई तेल खेप समय पर डिलीवर नहीं हो पाईं।

लंबी शिपिंग अवधि: अमेरिका से एशिया तक तेल पहुँचाने में कई हफ्ते लगते हैं, और इस दौरान कीमतों में बदलाव से कंपनियों की कमाई प्रभावित होती है।

दरअसल, तंग-ए-हुरमुज़ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने या बाधित होने से न केवल कीमतें बढ़ती हैं, बल्कि सप्लाई अनिश्चित हो जाती है, जिससे कंपनियों की योजना और मुनाफे दोनों प्रभावित होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति यह दिखाती है कि सिर्फ तेल की कीमत बढ़ना ही कंपनियों के लिए फायदेमंद नहीं होता। भू-राजनीतिक तनाव, लॉजिस्टिक समस्याएँ और वित्तीय हेजिंग रणनीतियाँ भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कुल मिलाकर, एक्सॉन मोबिल का यह मामला बताता है कि वैश्विक संकट के समय ऊर्जा कंपनियों को एक साथ मौका और जोखिम—दोनों का सामना करना पड़ता है।

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