ट्रंप, हॉर्मुज़ खोले बिना भी युद्ध खत्म करने को तैयार — क्या यह ईरान की रणनीतिक जीत का संकेत है?
अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में सामने आया है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान के साथ तनाव और संभावित युद्ध को समाप्त करने के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखना अनिवार्य शर्त नहीं मानते।
यह बदलाव सिर्फ एक कूटनीतिक लचीलापन नहीं, बल्कि कई विश्लेषकों के अनुसार ईरान की बढ़ती रणनीतिक ताकत और प्रभाव का अप्रत्यक्ष स्वीकार भी माना जा रहा है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य लंबे समय से ईरान की सबसे बड़ी भू-रणनीतिक ताकत रहा है।
दुनिया के लगभग 20% तेल की आपूर्ति इसी संकरे रास्ते से गुजरती है, और ईरान बार-बार यह दिखा चुका है कि यदि उसके हितों को खतरा हुआ तो वह इस मार्ग को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है। ऐसे में अमेरिका का यह संकेत कि वह इस मुद्दे को दरकिनार कर भी समाधान चाहता है, इस बात का इशारा देता है कि वाशिंगटन अब टकराव की बजाय समझौते की राह तलाशने को मजबूर हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी सैन्य, मिसाइल और समुद्री क्षमताओं को जिस स्तर तक विकसित किया है, उसने अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सीधे टकराव की कीमत काफी बढ़ा दी है। यही कारण है कि अब अमेरिका वैकल्पिक ऊर्जा मार्गों और रणनीतियों की बात कर रहा है—ताकि हॉर्मुज़ पर ईरान की पकड़ का प्रभाव कम किया जा सके।
इसी संदर्भ में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बयान भी महत्वपूर्ण है, जिसमें उन्होंने खाड़ी क्षेत्र से भूमध्य सागर तक नए पाइपलाइन मार्ग विकसित करने की बात कही है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी परियोजनाएं न केवल तकनीकी और आर्थिक रूप से बेहद कठिन हैं, बल्कि उन्हें लागू होने में वर्षों लग सकते हैं। तब तक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की अहमियत बनी रहेगी—और इसके साथ ही ईरान की रणनीतिक बढ़त भी।
कई जानकार यह भी मानते हैं कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की ये कोशिशें दरअसल ईरान के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की प्रतिक्रिया हैं, न कि कोई तात्कालिक समाधान। हकीकत यह है कि मध्य पूर्व की जमीनी सच्चाई में ईरान एक मजबूत और निर्णायक खिलाड़ी बन चुका है, जिसे नजरअंदाज करके कोई भी दीर्घकालिक रणनीति सफल नहीं हो सकती।
ट्रंप का यह रुख इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ईरान ने न केवल सैन्य स्तर पर, बल्कि रणनीतिक और भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य अब सिर्फ एक जलमार्ग नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का प्रतीक बन चुका है—और इस संतुलन में ईरान की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है।


popular post
ट्रंप, हॉर्मुज़ खोले बिना भी युद्ध खत्म करने को तैयार — क्या यह ईरान की रणनीतिक जीत का संकेत है?
ट्रंप, हॉर्मुज़ खोले बिना भी युद्ध खत्म करने को तैयार — क्या यह ईरान की
संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू
कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया
कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच
भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़
कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की
5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,
कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र
रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा