विश्व क़ुद्स दिवस पर दुनिया भर में रैलियां, एकता को बताया गया विजय का मूलमंत्र

अल-कुद्स दिवस दुनिया भर में रैलियां, आपसी एकता को बताया गया विजय का मूलमंत्र

पूरी दुनिया में विश्व क़ुद्स दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया है और पिछले कुछ महीनों के दौरान फिलिस्तीन और अल-अक्सा मस्जिद में हुई कड़वी घटनाओं को देखते हुए वैश्विक स्तर पर एक शानदार अल-कुद्स दिवस की भविष्यवाणी की गई है। रमज़ानुल मुबारक के आखरी जुमे को ईरान में निकलने वाली विश्व क़ुद्स दिवस की रैली के घोषणापत्र में आपसी एकता को ही विश्व वर्चस्ववाद पर क़ाबू पाने का एकमात्र मार्ग बताया गया है।

इस्लामिक क्रांति के संस्थापक इमाम खुमैनी (र.ह) ने क्रांति की सफलता के बाद शुरुआती महीनों (रमजान 1399 हिजरी) में रमजान के महीने के आखिरी जुमे जुमातुल विदा को, क़िब्लए अव्वल बैतूल मुक़द्दस के नाम करते हुए उसे विश्व क़ुद्स दिवस का नाम दिया था।

दुनिया के उत्पीड़ितों और इस्लाम की धार्मिक पवित्रताओं के प्रति जिम्मेदारी की भावना और राजनीतिक अंतर्दृष्टि और दूरदर्शिता के आधार पर इस्लामी क्रांति के संस्थापक की इस पहल के बाद, दुनिया भर में इस्लाम के सभी बच्चों को छोड़कर आज, धर्मों और मज़हबों के आज़ाद पसंद लोग भी सड़कों पर उतरते हैं और वैश्विक साम्राज्यवाद की हड़पने वाली ज़ायोनी सरकार के चंगुल से यरूशलेम के पहले क़िबला और फ़िलिस्तीन की भूमि की आज़ादी के विरोध में आवाज़ उठाते हैं।

ग़ौरतलब है कि शुक्रवार 14 अप्रैल 2023 को पूरी दुनिया में विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियां निकाली गयीं। पूरे ईरान में विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियां बहुत बड़े पैमाने पर निकाली गईं। इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने पवित्र रमज़ान के अन्तिम शुक्रवार को विश्व क़ुद्स दिवस का नाम दिया था। विश्व क़ुद्स दिवस की रैली में भाग लेने वालों ने घोषणा की है कि इस्लामी जगत की एकता ही विश्व वर्चस्ववाद पर नियंत्रण और उसके षडयंत्रों के विफल बनने का कारण है।

इस घोषणापत्र में फ़िलिस्तीन के समर्थन पर बल दिया गया है। रैली में भाग लेने वाले ईरानी रोज़ेदारों ने हाल ही में मस्जिदुल अक़सा में एतेकाफ करने वालों पर ज़ायोनी सैनिकों की हिंसक कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा की। बयान में फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध किये जाने वाले ज़ायोनी शासन के अत्याचारों के मुक़ाबले में मानवाधिकारों का दावा करने वाले संगठनों की चुप्पी की कड़ी आलोचना की गई है।

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