सीरिया पर जारी इज़रायली हमला, आक्रामकता और दादागीरी की नीति: हमास
हमास ने एक बयान जारी कर कहा कि वह “इज़रायली शासन द्वारा अरब गणराज्य सीरिया की ज़मीन पर किए गए आपराधिक हमले, दारा और क़ुनेइतरा क्षेत्रों में ज़ायोनी सेना की ज़मीनी घुसपैठ और दक्षिणी दमिश्क पर हवाई हमलों” की कड़ी निंदा करता है। हमास ने इन हमलों को “सीरिया की संप्रभुता पर स्पष्ट अतिक्रमण और अरब देशों के खिलाफ इज़रायली शासन की दादागीरी की निरंतर नीति” करार दिया।
बयान में अरब और इस्लामिक देशों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र से अपील की गई कि वे इन ज़ायोनी अपराधों के खिलाफ अपनी ज़िम्मेदारियां निभाएं और इस फासीवादी क़ब्ज़ाधारी शासन को काबू में करने तथा क्षेत्रीय देशों व लोगों पर उसके निरंतर हमलों को रोकने के लिए ठोस रुख अपनाएं।
हमास ने यह भी कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से मांग करते हैं कि वे इस आक्रामकता की निंदा करें और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के बार-बार उल्लंघन और युद्ध अपराधों के चलते इज़रायली शासन के नेताओं को सज़ा दें।”
इज़रायली शासन, जिसने सीरिया में बशर अल-असद सरकार के पतन के बाद से अब तक सैकड़ों बार इस देश के विभिन्न इलाकों पर बमबारी और तबाही मचाई है, ने बीती रात दक्षिणी सीरिया पर एक बड़ा ज़मीनी और हवाई हमला किया।
अल-मयादीन नेटवर्क ने रिपोर्ट दी कि दक्षिणी सीरिया पर इज़रायली शासन के ज़मीनी हमले “बशर असद सरकार के पतन के बाद से अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक” हैं। हमलावरों ने अपने ज़मीनी और हवाई हमलों से पहले दक्षिणी सीरिया में संचार नेटवर्क को बाधित कर दिया।
अल-जज़ीरा नेटवर्क ने भी बुधवार तड़के रिपोर्ट दी कि इज़रायली सैनिक दक्षिणी सीरिया के क़ुनेइतरा और दरा प्रांतों की सीमाओं में घुसपैठ कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायली शासन द्वारा दरा में हमले तेज़ करने का मकसद पूरे दक्षिणी सीरिया पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है।