ग़ाज़ा पट्टी पर क़ब्ज़ा करने के लिए इज़रायली सैन्य अभियान में विस्तार
इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़राइल कैट्ज ने बुधवार को ग़ाज़ा में सैन्य अभियान के बड़े विस्तार की घोषणा की। इस अभियान के दौरान ग़ाज़ा के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा करने की योजना है, ताकि उन्हें इज़रायल के सुरक्षा क्षेत्रों में शामिल किया जा सके। इज़रायल सरकार ने सीमा पर अपनी सुरक्षा बाड़ के उस पार ग़ाज़ा में लंबे समय से एक ‘बफ़र जोन’ बनाए रखा है और 2023 में हमास के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से इसका बड़े पैमाने पर विस्तार किया है।
इज़रायल का कहना है कि ‘बफ़र जोन’ उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी है, जबकि फ़िलस्तीनी इसे भूमि हड़पने की कवायद मानते हैं, जिससे पहले ही छोटे तटीय क्षेत्र (ग़ाज़ा पट्टी) का दायरा और सिकुड़ जाता है। ग़ाज़ा पट्टी की आबादी लगभग 20 लाख है।
मंगलवार देर रात अरबी मीडिया के लिए इज़रायली सेना के प्रवक्ता ने ग़ाज़ा के दक्षिणी राफा क्षेत्र के निवासियों को अपने घर छोड़ने और उत्तर की ओर जाने का आदेश दिया। सीएनएन ने पिछले महीने ही बताया था कि इज़रायल ग़ाज़ा में एक बड़े जमीनी हमले की योजना बना रहा है, जिसमें एन्क्लेव के एक बड़े हिस्से को साफ करने और उस पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिकों को युद्ध में भेजना शामिल होगा।
बुधवार को कैट्ज के बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ग़ाज़ा पट्टी के इस विस्तारित अभियान में अतिरिक्त इज़रायली सैनिक शामिल होंगे या नहीं। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब इज़रायल ने ग़ाज़ा पट्टी पर हवाई बमबारी जारी रखी है। नासेर अस्पताल और खान यूनिस में यूरोपीय अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी ग़ाज़ा में रात भर इज़रायली हमलों में कम से कम 17 लोग मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हुए हैं।
इस बीच, ग़ाज़ा पट्टी में अधिकारियों ने बताया कि इज़रायल की ओर से मंगलवार को पूरी रात और बुधवार तड़के किए गए हवाई हमलों में 40 से अधिक फ़िलस्तीनी मारे गए, जिनमें लगभग एक दर्जन बच्चे शामिल हैं।