गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी के टिकट पर जीतने वाले मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या में भारी वृद्धि
बीजेपी ने उम्मीद के मुताबिक गुजरात के नगर निकाय चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की। पिछले हफ्ते हुए गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं, जिनमें बीजेपी ने 1712 सीटों में से 1608 सीटों पर जीत दर्ज की। इन सीटों में नगरपालिका, नगर निगम, जिला और तालुका पंचायतें शामिल हैं। लेकिन बीजेपी की इस जीत में एक खास बात सामने आई है, जिसने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत सभी सेक्युलर विपक्षी दलों की चिंता बढ़ा दी है। इस बार बीजेपी के टिकट पर जीतने वाले मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
विशेष रूप से 66 नगर निकायों में बीजेपी के टिकट पर जीतने वाले मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार बीजेपी ने 103 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जिनमें से 33 महिलाएं थीं। संयोग से इनमें से अधिकांश उम्मीदवार विजयी हुए। खासकर पाटन, खेड़ा, पंचमहल और जूनागढ़ जिलों में बीजेपी को मुस्लिम उम्मीदवारों के माध्यम से ही सफलता मिली है, जबकि पिछली बार इन सभी स्थानों पर बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत पाई थी।
कुल मिलाकर, नगर निकायों में चुने गए मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या 2018 के 252 से बढ़कर 275 हो गई है। बीजेपी ने इनमें से लगभग 28% सीटें जीती हैं। हालांकि, मुस्लिम बहुल इलाकों में कांग्रेस के उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा सफलता हासिल की है। कांग्रेस का हिस्सा 39% है, लेकिन बीजेपी भी बहुत पीछे नहीं है, उसके पास 28% हिस्सेदारी है, जबकि आम आदमी पार्टी को 7% सीटें मिली हैं। आम आदमी पार्टी से 13 मुस्लिम उम्मीदवार जीते हैं, जिनमें से 11 का ताल्लुक जामनगर की सलाया नगरपालिका से है।