बंधकों को छुड़ाने के लिए ग़ा़ज़ा पर बमबारी जारी रहेगी: इजराइल
इज़रायली प्रधानमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार ओफिर फुल्क का कहना है कि इज़रायल ग़ाज़ा पर बमबारी जारी रखेगा, जिससे हमास पर दबाव बढ़ेगा और वह इज़रायली कैदियों को जल्द रिहा करने के लिए तैयार हो जाएगा।
यूरोपीय देशों द्वारा तत्काल युद्ध-विराम के आह्वान के बाद नेतन्याहू के वरिष्ठ सलाहकार ने शनिवार को यह बात कही। इज़रायल ने 18 मार्च से युद्ध का नया सिलसिला शुरू कर दिया है। यूरोपीय देशों ने ग़ाज़ा की नाकेबंदी खत्म कर ग़ाज़ा में राहत सामग्री की डिलीवरी शुरू करने की मांग की थी।
नेतन्याहू के विदेशी मामलों के वरिष्ठ सलाहकार ने आगे कहा, यह सैन्य और सैन्य दबाव ही था जिसने सबसे पहले हमास को नवंबर 2023 में एक संक्षिप्त युद्ध-विराम और हमारे 80 कैदियों की रिहाई के लिए मजबूर किया।
हालांकि इज़रााल के इस दावे के विपरीत वास्तविकता यह है कि पंद्रह महीने तक ग़ाज़ा में बेगुनाहों का नरसंहार करने के बाद भी जब इज़रायल अपने बंधकों को नहीं छुड़ा सका, तब वह समझौता करने पर मजबूर हुआ। जब आधे से ज़्यादा बंधकों को हमास ने छोड़ दिया तव इज़रायल ने धोखा देते हुए दूसरे चरण का समझौता रद्द करते हुए ग़ाज़ा पर दोबारा अपना क्रूर हमला शुरू कर दिया।
इज़रायल के इस क्रूूर हमले ट्रंंप प्रशासन खुलकर उसका समर्थन कर रहा है। नेतन्याहू प्रशासन ने उस वक़्त क्रुरता की इंतेहा कर दी, जब उसने चार सौ ग़ाज़ा निवासियों को उस वक़्त शहीद कर दिया जब वह भूखे प्यासे सो रहे थे।
इज़रायल ने ग़ाज़ा में संघर्ष-विराम के दूसरे चरण की ओर बढ़ने के लिए बातचीत के बजाय हथियारों और गोला-बारूद का सहारा लिया है। हवाई बमबारी के अलावा, जमीनी सेना और इज़रायली नौसेना भी 18 मार्च से इस युद्ध में योगदान दे रही है। अब तक कुछ ही दिनों में हज़ारों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
ग़ाज़ा में मासूम बच्चों समेत शहीदों की संख्या पचास हज़ार के पार हो चुकी है।