सऊदी अरब और क़तर के बीच हुआ समझौता, यूएई – दोहा के बीच अविश्वास का माहौल

क़तर और सऊदी अरब के संबंध चार साल पहले उस समय अपने सबसे खतरनाक चरण में पहुँच गए थे जब सऊदी अरब के साथ साथ बहरैन, मिस्र , संयुक्त अरब अमीरात ने इस देश पर आतंकवाद के समर्थन करने जैसे कई खतरनाक आरोप मँढते हुए इस देश से सभी संबंध खत्म कर लिए थे और इस देश की पूर्णरूप से नाकाबंदी कर दी थी।
बीच में रियाज़ के नेतृत्व में इन देशों ने क़तर पर बेहद कड़ी शर्तें थोप कर संबंध बहाली की बातें कहीं थी लेकिन क़तर ने झुकने से इंकार कर दिया था। अब अपने उद्देश्यों में नाकाम रहने के बाद सऊदी अरब गठबंधन ने क़तर के खिलाफ चले आ रहे बॉयकॉट के समाप्त होने पर फ़्रांस के मुख्य समाचार पत्र लो फिगारो ने कहा कि यह एक वास्तविक समझौता नहीं है बल्कि तनाव में कुछ कमी करने के प्रयास मात्र जैसा है।
याद रहे कि खाड़ी सहयोग परिषद् की बैठक में सऊदी अरब , मिस्र , बहरैन और अमीरात ने क़तर के चार साल के बॉयकॉट के बाद इस देश के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं हालाँकि इन देशों ने अच्छे पडोसी और एक दूसरे के के सम्मान और मानवीय संबंधों की दुहाई देकर फिर से अपने संबंधों को शुरू किया है लेकिन अमीरात और क़तर के बीच पहले की ही भांति अविश्वास का माहौल बना हुआ है। क़तर और अरब गठबंधन के बीच जो भी हुआ है वह एक समझौता नहीं बल्कि तनाव को कम करने का प्रयास मात्र है।

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