देश भर में सब्जियों की कीमतों में असाधारण वृद्धि

देश भर में सब्जियों की कीमतों में असाधारण वृद्धि

नई दिल्ली: देशभर में सब्जियों की कीमतों में असामान्य वृद्धि हो रही है। टमाटर 100 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इसी के साथ आलू और प्याज की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिससे गृहिणियों का रसोई का बजट बिगड़ गया है। ऐसे में प्याज, मटर, टमाटर, अदरक और लहसुन भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए हैं। हरी सब्जियां थाली से गायब हो रही हैं। लोग किलो के बजाय पाव किलो में सब्जी खरीदकर काम चला रहे हैं। सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी ने खाने का स्वाद ही बिगाड़ दिया है।

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में बारिश की वजह से जिले के स्थानीय खेतों से सब्जियों की आवक रुक गई है। किसान धान की बुवाई की तैयारियों में व्यस्त हैं। सुल्फी, सरगुजा और अन्य शहरों से सब्जियां मंडी में आ रही हैं। बारिश के दौरान परिवहन महंगा होने और सड़कों की खराबी की वजह से सब्जियां महंगे दामों में बिक रही हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि स्थानीय खेतों के अलावा पास के गांवों से भी सब्जियां मंडी में आती हैं जिससे सब्जियों की कीमतें कम रहती हैं। आवक कम होने से सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं, इस बार भी ऐसा ही हुआ है।

ग्रामीण इलाकों से सब्जियों की कम आवक के कारण अब सब्जियों की कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है। माना जा रहा है कि अक्टूबर तक बाजार में सब्जियों की कीमतों में कोई कमी नहीं होगी। बाजार में सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी से जनता की जेब पर असर पड़ने लगा है। करेला, भिंडी, गोभी, बैंगन और अन्य सब्जियों की कीमतों में भी वृद्धि हो गई है। स्थिति यह है कि 500 रुपये भी थैला भरने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। पहले टमाटर की बढ़ती कीमतों से गृहिणियां परेशान थीं और अब सब्जियों की कम आवक से सब्जी विक्रेता भी परेशान हैं। कुछ दिनों में सब्जियों की कीमतों में दोगुना से अधिक की वृद्धि हो गई है जिससे घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। सब्जियों की कीमत की बात करें तो गोभी 80 रुपये प्रति किलो, टमाटर 100 रुपये प्रति किलो, भिंडी 50 रुपये प्रति किलो, लौकी 40 रुपये प्रति किलो, आलू 40 रुपये प्रति किलो और लहसुन 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।

सब्जियों की कीमतों में वृद्धि से मध्यम और गरीब वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। मौसमी सब्जियों की कीमतों में पिछले दिनों के मुकाबले 20 से 30 रुपये प्रति किलो वृद्धि हुई है, स्थिति यह है कि बाहर से आने वाली सब्जियां मंडी तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जो स्थानीय हैं उनकी कीमतें भी अधिक हैं। कई व्यापारी आलू और प्याज के पुराने स्टॉक से अपना कारोबार चला रहे हैं। इसमें भी व्यापारियों द्वारा मनमानी कीमत वसूली जा रही है।

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भी सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं। इंदौर के पटनीपुरा सब्जी मंडी के सब्जी विक्रेता विशाल नामदेव ने बताया कि सब्जियों की कीमतों में वृद्धि हुई है। इस बार किसानों ने सब्जियां कम उगाई हैं जिससे सब्जियां महंगी हो गई हैं। यही कारण है कि टमाटर 100 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। फूल गोभी 50 रुपये प्रति किलो जबकि मिर्च भी 80 रुपये प्रति किलो बिक रही है। कोई सब्जी 40 रुपये किलो में उपलब्ध नहीं है।

इसी मंडी के लहसुन, अदरक और आलू प्याज के व्यापारी ओम प्रकाश ने बताया कि प्याज और आलू की कीमत 35 रुपये प्रति किलो है। लहसुन और अदरक भी 160 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। ओम प्रकाश का कहना है कि इस बार इन सब्जियों की पैदावार कम हुई है जिनकी कीमतें अधिक हैं। सब्जी मंडी से सब्जियों की खरीदारी करने वाले अधिकांश खरीदार अपनी सब्जी कम कर रहे हैं, जो सब्जी एक किलो खरीदते थे या जो सब्जी 2 किलो खरीदते थे, उसे घटाकर आधा किलो कर दिया है। खासतौर पर टमाटर आधा किलो खरीद कर ले जाते हुए नजर आ रहे हैं।

सब्जी के खरीदार रोहित राजपूत ने बताया कि बारिश के मौसम में अक्सर सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं। खासतौर पर इस बार टमाटर एक बार फिर महंगा होता दिखाई दे रहा है। इस समय टमाटर की कीमत 100 रुपये प्रति किलो से अधिक है, यही कारण है कि वे केवल आधे किलो टमाटर से काम चला रहे हैं। सब्जियां भी उनकी तरफ से कम मात्रा में खरीदी जा रही हैं।

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