विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा में संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश कर दिया गया है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को लोकसभा में पेश किया। इस बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय रखा गया है लेकिन सरकार ने कहा है कि अगर सदन की सहमति होगी तो चर्चा का वक्त बढ़ाया भी जा सकता है।
बिल पेश करने से पहले सत्तारूढ़ दल बीजेपी ने अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी कर आज सदन में मौजूद रहने को कहा था। इसी तरह से TDP, JDU, RLD ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है।
विपक्ष के भारी विरोध के बीच संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बिल पेश करते हुए कहा कि खुले मन से पॉजिटिव नोट के साथ पेश कर रहा हूं। सरकार किसी भी धार्मिक संस्था में हस्तक्षेप नहीं करने जा रही है। बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय दिया गया है, जिसे बढ़ाया भी जा सकता है।
इससे पहले वक्फ संशोधन विधेयक पेश किए जाने का विरोध करते हुए विपक्ष ने दावा किया कि केंद्र सरकार कानून को जबरन थोप रही है क्योंकि विधेयक को सदन के संज्ञान में लाने के बाद से संशोधन के लिए समय नहीं दिया गया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में कहा कि ये लेजिस्लेचर को बुल्डोज करने जैसा है।
उन्होंने सदस्यों के संशोधन प्रस्ताव का मुद्दा उठाया। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जितना समय सरकारी संशोधनों को दिया है, उतना ही समय गैर सरकारी संशोधनों को भी दिया है। दोनों में कोई अंतर नहीं किया गया है।
आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज करते हुए कहा कि हम ओरिजिनल बिल पर चर्चा करने नहीं जा रहे हैं। ये जेपीसी की रिपोर्ट के बाद नए प्रावधान के साथ आ रहा बिल है। ये टेक्निकल मैटर है। रूल 81 को सस्पेंड किए बिना इन पर चर्चा का इस सदन को अधिकार नहीं है।
नए ड्राफ्ट में कई नए प्रावधान हैं। मंत्री प्रस्ताव पेश कर सकते हैं, जेपीसी की संस्तुतियों को शामिल करने का प्रावधान कर सकते हैं लेकिन जेपीसी के पास नए प्रावधान जोड़ने का पावर नहीं है।