तानाशाही सरकारें ज्यादा समय तक नहीं टिक सकतीं: अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि रावण और कंस जैसे तानाशाहों की तरह बीजेपी की सरकार का भी अंत होगा। चौधरी चरण सिंह जयंती पर चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज, में उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि तानाशाही सरकारें ज्यादा समय तक टिक नहीं सकतीं। जनता सब देख रही है और किसी भी दिन बदलाव हो सकता है। उन्होंने रामायण और महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण और कंस जैसे तानाशाहों का अंत हुआ, और मौजूदा सरकार का भी यही हश्र होगा।
संभल में मंदिर मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा, “यह ऐसे ही खोदते रहेंगे और एक दिन अपनी ही सरकार खोद डालेंगे।” उन्होंने कहा कि राज्य में सारे गलत काम, जमीनों पर कब्जे, बीजेपी के लोग कर रहे हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने तंज किया कि ये सब राजनीति से प्रेरित बयान हैं। अगर भागवत मुख्यमंत्री को एक फोन कर दें, तो सर्वे और विवाद खत्म हो जाएंगे। यह बयान राजनीतिक फायदे के लिए दिए जा रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि जो लोग सत्ता में बैठे हैं, उन्हें लगता है कि उनकी सरकार हमेशा चलेगी, लेकिन जनता सब समझ रही है। लोकसभा चुनाव में जनता ने अपना हिसाब दिखा दिया और विधानसभा चुनाव में ऐसे नतीजे आएंगे कि उन्हें पता भी नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीति में विपक्ष के सामने बड़ी चुनौती है, क्योंकि सत्ता में बैठे लोगों के पास संसाधन और समर्थन है।
संसद के शीतकालीन सत्र पर उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के सम्मान में जब सभी पार्टियां एकजुट हुईं, तब सत्ता ने ऐसा रवैया अपनाया जो संसद के इतिहास में शर्मनाक है। फर्रुखाबाद के सांसद ने ऐसी मुहिम चलाई जो बड़े-बड़े कलाकारों को भी पीछे छोड़ गई। सरकार ने घटना को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और मीडिया ने भी इसे सच साबित करने की कोशिश की।
अखिलेश यादव ने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों के बड़े नेता थे। उन्होंने हमेशा किसानों के भविष्य को संवारने का काम किया। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने चरण सिंह के साथ काम किया और उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। यही नेताजी थे जिन्होंने ग्रामीण इलाकों के बच्चों को शिक्षा और विकास का सपना दिखाया और उसे सच किया। समाजवादी सिद्धांत को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हमारी जिम्मेदारी है। नेताजी ने इस मिट्टी पर खून-पसीना बहाकर समाजवाद की नींव रखी। हमें उनकी विरासत को आगे बढ़ाना है। पिछले चुनाव में उत्तर प्रदेश ने समाजवादी और इंडिया गठबंधन का समर्थन किया।