भाजपा मेरे मूल प्रतीक (शिवसेना का चुनाव चिह्न) का इस्तेमाल किए बिना चुनाव जीतने का प्रयास करे: उद्धव ठाकरे

भाजपा मेरे मूल प्रतीक (शिवसेना का चुनाव चिह्न) का इस्तेमाल किए बिना चुनाव जीतने का प्रयास करे: उद्धव ठाकरे

शिवसेना(यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने cमें एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती दी है। उन्होंने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव लेकर कहा, ‘मैं आपको महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए अभियान शुरू करने के लिए आमंत्रित करता हूं। यह मुकाबला आपके और मेरे बीच होगा। शिवसेना के स्थापना दिवस के मौके पर सेना बनाम सेना की लड़ाई उस समय गर्म हो गई जब उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे ने मुंबई के दो हिस्सों में समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए गए। सायन के शनमुखानंद हॉल से उद्धव ठाकरे ने जनसभा को संबोधित किया।

शिवसेना स्थापना दिवस के मौके पर लोगों के समर्थन से उत्साहित उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दी। उद्धव ने साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की ओर इशारा करते हुए कहा, “मोदी जी, मैं आपको महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए अभियान शुरू करने के लिए आमंत्रित करता हूं… यह आपके और मेरे बीच होगा।”

बात दें कि, वैसे तो शिवसेना बंट चुकी है। एक गुट का नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। जो भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री बने हुए हैं। शिवसेना के दूसरे गुट या शिवसेना यूबीटी का नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे हैं। चूंकि मूल शिवसेना तो ठाकरे परिवार की है। इसलिए स्थापना दिवस उद्धव की पार्टी ने भी किया। लेकिन स्थापना दिवस दरअसल मूल शिवसेना का था, जो शिंदे के कब्जे में है।

ठाकरे ने कहा, “भाजपा को मेरा संदेश – मेरे मूल प्रतीक का उपयोग किए बिना चुनाव जीतने का प्रयास करें। मुझे गर्व है कि हमने किसी और की तस्वीर का उपयोग नहीं किया। हम कभी भी उपयोग नहीं करेंगे, खासकर पीएम मोदी की तो बिल्कुल भी नहीं। मैं पीएम मोदी को चुनौती देता हूं कि वह नकली शिवसेना को दूर रखते हुए आज ही तैयारी शुरू कर दें।”

भाजपा के साथ कभी नहीं जाऊंगा
ठाकरे ने शिवसेना के दोनों गुटों के हाथ मिलाने और एनडीए में बने रहने की अटकलों को भी खारिज कर दिया। ठाकरे ने कहा, वह उन लोगों के साथ कभी नहीं जाएंगे जिन्होंने उनकी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की। 2024 लोकसभा चुनाव में शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने नौ सीटें और शिंदे गुट ने सात सीटें जीतीं। वहीं इसी खेमे में दूसरी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट ने आठ सीटों पर जीत दर्ज की जबकि शरद पवार के भतीजे अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने मात्र एक सीट जीती है।

उद्धव ने रैली में एक और बात का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “हमें सभी देशभक्तों, सभी धर्मों के लोगों का वोट (लोकसभा चुनाव) मिला। उन्होंने कहा कि हमने हिंदुत्व छोड़ दिया, क्योंकि हम कांग्रेस के साथ चले गए। मैंने बताना चाहता हूं कि हमने हिंदुत्व नहीं छोड़ा। अगर देश और संविधान को बचाने के लिए सभी ने हमें वोट दिया, तो लोग हमारे साथ हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा ही वह है जिसने हिंदुत्व छोड़ दिया है।”

उद्धव ठाकरे का यह भाषण महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी पार्टी की रणनीति को साफ करता है। लोकसभा चुनाव में एमवीए गठबंधन की एकजुटता का मजा चख चुके ठाकरे अब एमवीए में ही रहकर कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी के साथ तालमेल कर विधानसभा चुनाव लड़ने उतर चुके हैं। लोकसभा चुनाव में एमवीए को 48 में से 30 सीटें मिली हैं, जबकि शिंदे वाली शिवसेना, अजीत पवार वाली एनसीपी और भाजपा गठबंधन वाली महायुति को सिर्फ 13 सीटें मिली हैं। भाजपा सिर्फ 9 सीटें पा सकी और उसका घमंड चकनाचूर हो चुका है।

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