देश भर में कोविड-19 के कारण हालत बेहद बिगड़े हुए हैं। ऑक्सीजन की कमी के चलते हाहाकार मचा है। राज्य-दर-राज्य, शहर-दर-शहर मौत का तांडव मचा है। जगह जगह शमशान घटा बने हुए हैं। ऑक्सीजन के बिना लोगों की जाने जा रही है। सिर्फ राजधानी दिल्ली में दो दिनों में 50 से अधिक की मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते हुए है। जब राजधानी की ये स्थिति है तो देश के बाकी हिस्सों के हाल का अंदाजा लगाया जा सकता है।
देश भर में लगातार ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है। दिल्ली के रोहिणी के जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी की वजह से गंभीर हालत में भर्ती बीस मरीजों की मौत हो गई। दिल्ली हाईकोर्ट लगातार कई दिनों से केंद्र और राज्य सरकार को इस बाबत फटकार लगा रहा है। लगातार कोर्ट नाराजगी जता रहा है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसमें एक बात ऑक्सीजन की आपूर्ति में अड़चन पैदा करने को लेकर भी है।
आरोप लगाए जा रहे हैं कि कई राज्य दूसरे राज्यों का कोटा रोक रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को सीधे कहा कि अगर केंद्र, राज्य या स्थानीय प्रशासन का कोई अधिकारी ऑक्सीजन की आपूर्ति में अड़चन पैदा कर रहा है तो ‘हम उस व्यक्ति को लटका देंगे।
कोर्ट ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि जो भी इसमें बाधा बनेगा उसे फांसी पर लटका देंगे। साथ ही केंद्र को फटकार लगाते हए कोर्ट ने कहा कि आप कह रहे हैं कि ये लहर है। ये लहर नहीं, सुनामी है। ये बातें कोर्ट की जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच की ओर से महाराजा अग्रसेन अस्पताल की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा है।
हाईकोर्ट ने गुस्से भरे लहजे में सख्त टिप्पणी करते हुए दिल्ली सरकार से पूछा, “वो बताए कि कौन ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित कर रहा है,हम उस व्यक्ति को लटका देंगे।” कोर्ट की बेंच ने कहा कि हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे। दिल्ली सरकार स्थानीय प्रशासन के ऐसे अधिकारियों के बारे में केंद्र को भी बताए ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।