वैक्सीनेशन में कमी, लगातार बढ़ती मृत्यु का कारण: राहुल गाँधी, भारत में जहां एक तरफ़ सरकार कोरोना महामारी में जो आंकड़े पेश कर रही है वहीं विपक्षी दल ग्राउंड स्तर से जो साक्ष्य पेश कर रहे हैं वह कुछ और ही दास्तां बयान कर रहे हैं।
कभी अस्पताल के बाहर मरीज़ों के परिजनों की रोती बिलखती वीडियो कहीं श्मशान के अंदर और बाहर की भयावह तस्वीरें, किसी अस्पताल की ऑक्सीजन को लेकर शिकायत तो कहीं दवाओं की क़िल्लत की कंप्लेन, जिनसे साफ़ ज़ाहिर है कि भारत में Covid-19 की मौजूद दूसरी लहर के लिए किसी तरह की कोई तैयारी नहीं की थी।
कुछ रिपोर्टों से तो यह भी साफ़ हो चुका है कि इस महामारी में फ़रिश्तों की भूमिका निभाने वाले डॉक्टरों की भी लगातर मौतें हो रही हैं।
अफ़सोस करने वाली बात तो यह है कि अगर विपक्षी दलों में से किसी नेता ने किसी ख़ास बात की तरफ़ ध्यान दिलाना चाहा तो केंद्र सरकार के मंत्रियों और नेताओं ने उसका मज़ाक तक उड़ाया।
ज़ाहिर है जब स्वास्थ से जुड़े संसाधनों की कमी होगी तो ऐसे में कोई भी डॉक्टर कैसे अपना फ़र्ज़ निभा पाएगा, इस Covid-19 महामारी में जहां विपक्षी दलों ने सरकार की तरफ़ से दी जाने वाली सहूलियतों में लापरवाही पर निशाना साधा है तो वहीं एकमात्र महामारी से बचने का रास्ता वैक्सीन से संबंधित सुविधाओं को लेकर भी घेरा है।
इस बारे में आज राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि वैक्सीन कम होती जा रही है और कोविड से होने वाली मौतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
वैक्सीन कम होती जा रही हैं और कोविड मृत्यु बढ़ती जा रही हैं।
केंद्र सरकार की नीति-
ध्यान भटकाओ,
झूठ फैलाओ,
शोर मचाकर तथ्य छुपाओ। pic.twitter.com/aIJwvMYBTW— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 19, 2021
उन्होंने आगे सरकार की नीति पर वार करते हुए ट्वीट में लिखा: केंद्र सरकार की नीति: ध्यान भटकाओ झूठ फैलाओ, शोर मचा कर तथ्य छुपाओ।