स्वीडन और फ़िनलैंड के लिए तुर्की के राष्ट्रपति ने रखी शर्तें

स्वीडन और फ़िनलैंड के लिए तुर्की के राष्ट्रपति ने रखी शर्तें

नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अंकारा से मैड्रिड जाने से पहले तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने यूनान और स्वीडन के साथ तनाव और नाटो में फिनलैंड की सदस्यता जैसे मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।

तुर्की में मीडिया सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति ने कहा कि यदि स्वीडन और फिनलैंड नाटो में शामिल होना चाहते हैं तो उनको तुर्की की सुरक्षा चिंताओं पर विचार करना चाहिए। तुर्की राज्य समाचार एजेंसी अनातोली के अनुसार रजब तय्यब अर्दोग़ान ने आज मंगलवार को एक भाषण में कहा कि नाटो सदस्यता में जिम्मेदारियां शामिल हैं।

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि अगर स्वीडन और फ़िनलैंड को नाटो में शामिल होना है तो उन्हें गठबंधन के 70 वर्षीय सदस्य तुर्की की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखना होगा। स्वीडन और फ़िनलैंड ने आधिकारिक तौर पर पिछले महीने नाटो सदस्यता के लिए अपने आवेदन की घोषणा की एक मुद्दा जिसे उनके अधिकारियों ने मास्को के अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद यूक्रेन के साथ रूसी संघर्ष के बाद एजेंडे में रखा।

नाटो सदस्यता के लिए फिनलैंड और स्वीडन के आवेदन के बाद तुर्की ने बार-बार दोनों देशों के विलय का विरोध किया है और उनकी सदस्यता के लिए शर्तें निर्धारित की हैं। तुर्की के अधिकारियों के अनुसार दोनों देशों ने पीकेके और सीरियाई कुर्द सशस्त्र समूहों सहित पीपुल्स डिफेंस यूनिट्स सहित आतंकवादी समूहों का समर्थन किया है और उन्हें उनका समर्थन करना बंद कर देना चाहिए।

अर्दोग़ान ने आज कहा कि हम स्वीडन और फिनलैंड के सदस्यता प्रस्तावों पर एक बैठक करेंगे और हम देखेंगे कि वे कितनी दूर आए हैं। हम शब्दों की तलाश नहीं कर रहे हैं हम परिणाम की तलाश में हैं। तुर्की के राष्ट्रपति के अनुसार अंकारा को उम्मीद है कि हेलसिंकी और स्टॉकहोम फिनलैंड और स्वीडन में आतंकवादियों की मुक्त गतिविधियों को रोकेंगे।

 

 

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