यूरोप में महिलाओं के खिलाफ हिंसा में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी

यूरोप में महिलाओं के खिलाफ हिंसा में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी महिलाओं एवं मानवाधिकारों का ढिंढोरा पीटने वाले यूरोप में महिलाएं बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं।

यूरोप में महिलाओं के खिलाफ हिंसा में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। यूरोप में कोरोना महामारी के कारण लगाई गई पाबंदियों में कमी के साथ ही यूरोपीय लोगों में अपने पार्टनर के प्रति सख्त रवैये में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार इस बदलाव के कारण यूरोप में महिलाओं के खिलाफ हिंसा में बेहद तेजी देखी जा रही है।

स्पेन में लागू आपात स्थिति के खत्म होने के बाद महिलाओं के खिलाफ हिंसा का आलम यह है कि हर 3 दिन में एक महिला की मौत हो रही है। अप्रैल के अंत से लेकर अब तक अकेले बेल्जियम में भी घरेलू हिंसा में 13 महिलाओं की मौत हो चुकी है।

वहीं फ्रांस में इस साल की शुरुआत से अब तक 56 महिलाएं घरेलू हिंसा की भेंट चढ़ कर मौत को गले लगा चुकी हैं।

इन घटनाओं में से कुछ खबरें मीडिया की सुर्खियां बनी और लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। जैसे फ्रांस में 3 बच्चों की मां को उसके पति ने जिंदा जला दिया या फिर स्वीडन में तीन हफ्तों के अंदर अंदर मारी गई तीन औरतों की खबर ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी।

घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों पर तत्काल कार्यवाही ना होने एवं इन मामलों के लंबे खिंच जाने के कारण पीड़ित लोग हिंसक लोगों के साथ रहने पर मजबूर हैं और यह काम खतरे को और बढ़ा देता है।

रिपोर्ट के अनुसार घरेलू हिंसा की भेंट चढ़ने वाले बहुत से लोग तो अपनी मदद के लिए किसी को बुला भी नहीं पाते ना ही जरूरत पड़ने पर फोन के माध्यम से संपर्क कर पाते।

रिपोर्ट के अनुसार घरेलू हिंसा में शामिल रहने वाले अधिकांश अपराधी वह लोग थे जन्हें हाल फिलहाल में ही जेल से रिहा किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles