पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कैंसर हड्डियों से आगे भी फैल चुका है: हंटर बाइडेन
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे हंटर बाइडेन ने कहा है कि, उनके पिता का कैंसर हड्डियों से आगे भी फैल चुका है और इसकी वजह से उन्हें काफी दर्द का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के बेटे हंटर बाइडन ने शुक्रवार को ऑनलाइन प्रसारित बीबीसी के एक साक्षात्कार में कहा कि उनके पिता का कैंसर हड्डियों से आगे भी फैल चुका है और इसकी वजह से उन्हें काफी दर्द हो रहा है।
बीबीसी के कार्यक्रम ‘न्यूज़नाइट’ में बातचीत के दौरान अपने पिता की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बताते हुए हंटर बाइडेन भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि, उनके पिता का कैंसर “हड्डियों और उसके आगे भी फैल चुका है।” उन्होंने इस बीमारी को “बहुत दर्दनाक” और “बहुत कमजोर कर देने वाली” बीमारी बताया।
हंटर बाइडेन ने अपने पिता की बीमारी के बारे में कहा, “कैंसर वास्तव में बहुत कठिन होता है। इसे देखना बेहद दुखद है।” उन्होंने कहा कि उनके पिता अब भी बाइडेन परिवार के केंद्र में हैं और उन्होंने बीमारी से लगातार लड़ने के लिए पूर्व राष्ट्रपति के धैर्य और मजबूती की सराहना की।
हंटर बाइडेन ने अपने पिता की बीमारी के बारे में कहा, “कैंसर वास्तव में बहुत कठिन होता है। इसे देखना बेहद दुखद है।” उन्होंने कहा कि उनके पिता अब भी बाइडेन परिवार के केंद्र में हैं और उन्होंने बीमारी से लगातार लड़ने के लिए पूर्व राष्ट्रपति के धैर्य और मजबूती की सराहना की।
हंटर बाइडेन ने कहा, “मेरे पिता आज भी हमारे परिवार का केंद्र हैं। वह सबसे अच्छे पिता, सबसे अच्छे पति और सबसे अच्छे दादा हैं।”
83 वर्षीय जो बाइडेन को मई 2025 में पेशाब संबंधी लक्षणों के बाद प्रोस्टेट कैंसर का पता चला था। यह कैंसर आक्रामक प्रकृति का था। डॉक्टरों ने उनकी प्रोस्टेट ग्रंथि में एक असामान्य गांठ पाई थी और बीमारी का पता चलने तक कैंसर उनकी हड्डियों तक फैल चुका था।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का अभी भी इस बीमारी का इलाज चल रहा है। उनके उपचार में रेडिएशन थेरेपी और हार्मोन थेरेपी शामिल है, जिसे पिछले साल अक्टूबर में शुरू किया गया था।
ग़ाज़ा नरसंहार में बाइडन की भूमिका पर उठे थे सवाल
जो बाइडन के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ग़ाज़ा में इस्राईली सैन्य अभियान को लेकर उनकी सरकार की नीति की भी व्यापक आलोचना हुई। आलोचकों का आरोप रहा कि बाइडेन प्रशासन ने इस्राईल को सैन्य, राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन जारी रखा, जबकि ग़ाज़ा में बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों की मौत और भारी तबाही की खबरें सामने आती रहीं।
ग़ाज़ा में इस्राईली सैन्य अभियान के दौरान बाइडेन ने इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार को लगातार समर्थन दिया। अमेरिका ने इस्राईल को हथियार और सैन्य सहायता उपलब्ध कराई तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कई मौकों पर इस्राईल का समर्थन किया। इसी वजह से बाइडेन प्रशासन पर यह आरोप लगाया गया कि, उसने ग़ाज़ा में इस्राईल की कार्रवाइयों पर पर्याप्त दबाव नहीं डाला और नेतन्याहू सरकार को सैन्य अभियान जारी रखने की खुली छूट दे रखी थी।
बाइडेन ने कई मौकों पर इस्राईल के अपने बचाव के अधिकार का समर्थन किया, जबकि बाद में उनकी सरकार ने ग़ाज़ा में नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके बावजूद आलोचकों का कहना रहा कि अमेरिकी सैन्य और राजनीतिक समर्थन ने इस्राईल को ग़ाज़ा में अपना अभियान जारी रखने में महत्वपूर्ण मदद दी।
ग़ाज़ा में जारी युद्ध और वहां पैदा हुए गंभीर मानवीय संकट के कारण बाइडेन की इस नीति की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आलोचना हुई। उनके आलोचकों का कहना रहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में बाइडेन ने नेतन्याहू सरकार पर युद्ध रोकने के लिए पर्याप्त दबाव नहीं डाला और इसके बजाय लंबे समय तक खुलकर उसका समर्थन किया।


popular post
रूस के सैन्य ठिकानों की स्थिति को लेकर दमिश्क और मॉस्को के बीच समझौता
रूस के सैन्य ठिकानों की स्थिति को लेकर दमिश्क और मॉस्को के बीच समझौता सीरिया
संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू
कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया
कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच
भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़
कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की
5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,
कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र
रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा