ज़ेलेंस्की ने ईरान के ‘शाहिद’ ड्रोन की विनाशक क्षमता को स्वीकार किया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में दावा किया कि रूसी हमलों में ईरानी ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान ज़ेलेंस्की ने कहा कि इस युद्ध के दौरान हथियार उन राजनीतिक निर्णयों से कहीं तेज़ी से विकसित हुए हैं, जो इन्हें रोकने के लिए लिए जाने चाहिए थे।
उन्होंने कहा कि जब ईरान ने पहली बार रूस को ‘शाहिद’ ड्रोन दिए थे, तब वे अपेक्षाकृत साधारण हथियार थे और उन्हें रोकना आसान था, लेकिन अब वे बदल चुके हैं। उनके अनुसार, इन ड्रोन के नए संस्करण जेट इंजन से लैस हैं, अलग-अलग गति से उड़ान भर सकते हैं, रियल टाइम में नियंत्रित किए जा सकते हैं। अब वे विभिन्न ऊँचाइयों पर उड़ान भर सकते हैं, अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए स्टारलिंक प्रणाली का उपयोग कर सकते हैं यहाँ तक कि ‘मदर ड्रोन’ के रूप में अन्य ड्रोन भी ले जा सकते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंचेगा, इसमें और अधिक संसाधन झोंके जाएंगे और इसके परिणाम और भी खतरनाक होते जाएंगे। उनका कहना था कि हथियारों का विकास, स्वयं युद्ध और यहाँ तक कि पुतिन का व्यवहार भी अधिक खतरनाक होता जा रहा है। लेकिन इस कथन के भीतर यह स्वीकारोक्ति भी छिपी है कि ईरानी ड्रोन अब सिर्फ “साधारण” हथियार नहीं रहे, बल्कि रणनीतिक संतुलन को प्रभावित करने वाली तकनीक बन चुके हैं।
साफ है, जिन क्षमताओं को लेकर आलोचना हो रही है, वही आज ईरान की तकनीकी प्रगति और उसकी ड्रोन शक्ति का खुला प्रमाण भी बन रही हैं।

