Site icon ISCPress

ईरान पर आक्रमण के परिणाम स्पष्ट हैं, उम्मीद है कि इससे सबक लिया जाएगा: रूसी विदेश मंत्री 

ईरान पर आक्रमण के परिणाम स्पष्ट हैं, उम्मीद है कि इससे सबक लिया जाएगा: रूसी विदेश मंत्री 

रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच के दौरान रूसिया टुडे को दिए एक साक्षात्कार में ईरान और अरब देशों के बीच प्रस्तावित अनाक्रमण संधि (Non-Aggression Pact) का स्वागत किया।

रूस के विदेश मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में संकेत दिया कि, ईरान के विरुद्ध की गई सैन्य कार्रवाई केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संसाधनों और रणनीतिक मार्गों पर नियंत्रण की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़रायल की आक्रामक नीतियों ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिरता की ओर धकेल दिया है और इसका खामियाजा केवल ईरान ही नहीं, बल्कि अरब देशों और विश्व अर्थव्यवस्था को भी भुगतना पड़ सकता है।

लावरोव के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग दशकों से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा रहे हैं, लेकिन अमेरिका और इज़रायल की सैन्य नीतियों ने इन मार्गों को गंभीर जोखिम में डाल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बल प्रयोग और दबाव की राजनीति से क्षेत्र में शांति स्थापित नहीं की जा सकती।

रूसी नेतृत्व पहले भी अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के विरुद्ध की गई सैन्य कार्रवाइयों को “उकसावे वाली आक्रामकता” और अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध कदम बता चुका है। मॉस्को का मानना है कि ऐसे हमले पूरे क्षेत्र को व्यापक युद्ध, मानवीय संकट और ऊर्जा अस्थिरता की ओर ले जा सकते हैं।

लावरोव ने यह भी संकेत दिया कि ईरान और अरब देशों के बीच सहयोग तथा अनाक्रमण समझौते जैसे प्रयास क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अधिक उपयोगी हैं, जबकि बाहरी शक्तियों की सैन्य दखलअंदाजी केवल तनाव बढ़ाती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अमेरिका और इज़राक्षल इस संकट के परिणामों से सबक लेंगे और टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान का रास्ता अपनाएंगे।

रूस का मानना है कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति तभी संभव है जब सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान किया जाए और किसी भी राष्ट्र पर सैन्य दबाव या बलपूर्वक राजनीतिक इच्छाएँ थोपने की नीति समाप्त हो।

Exit mobile version