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संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत ने ईरान के साथ युद्ध को जारी रखने की इच्छा की पुष्टि की

संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत ने ईरान के साथ युद्ध को जारी रखने की इच्छा की पुष्टि की

अमेरिका में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत यूसुफ अल-ओतैबा ने वॉल स्ट्रीट जर्नल में लिखे एक लेख में ईरान के खिलाफ आरोप लगाए हैं।अल-ओतैबा ने दावा किया कि पिछले पचास वर्षों में ईरान की क्रांति हमेशा “वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा” रही है।

इस लेख में यूएई के राजदूत ने ईरान की परमाणु क्षमता को कमजोर करने का समर्थन किया और जिसे “मिसाइल और ड्रोन खतरों को निष्क्रिय करने” की आवश्यकता बताया, उस पर और अधिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि यूएई होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और उसकी सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय पहल में शामिल होने के लिए तैयार है।

इससे पहले भी कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि यूएई और सऊदी अरब, अमेरिका को ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने भी पिछली रात इन रिपोर्टों की पुष्टि की थी।

अब सवाल यह उठता है कि, वे लोग इस पर क्या कहेंगे जो अरब देशों में अमेरिकी एयरबेस पर ईरानी हमलों की निंदा कर रहे थे। यूएई के राजदूत के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में अरब देश न सिर्फ खुल्लमखुल्ला अमेरिका और इज़रायल के साथ खड़े हैं, बल्कि ईरान पर हमले के लिए उनकी ज़मीन का खुल कर इस्तेमाल कर रहे हैं।

ईरान ने शुरू में ही यूएई पर आरोप लगाया था कि, उसकी जमीन का इस्तेमाल अमेरिकी हमलों के लिए किया गया, जिसे तेहरान ने “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत कृत्य” बताया और मुआवजे की मांग भी की है।

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