ग़ाज़ा को अलग करने की कोई योजना स्वीकार्य नहीं: संयुक्त राष्ट्र

ग़ाज़ा को अलग करने की कोई योजना स्वीकार्य नहीं: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक बार फिर ग़ाज़ा और फ़िलिस्तीन के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ग़ाज़, फ़िलिस्तीन का अभिन्न हिस्सा है और फिलिस्तीनियों को अपने देश में, जिसमें ग़ाज़ा भी शामिल है, रहने का पूरा हक़ है। गुटेरेस ने यह बयान बुधवार रात संयुक्त राष्ट्र की एक समिति को संबोधित करते हुए दिया।

ग़ाज़ा में युद्ध-विराम समझौते का स्वागत और मध्यस्थ देशों की सराहना
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने अपने भाषण में ग़ाज़ा में युद्ध-विराम समझौते की सराहना करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है, जो इस क्षेत्र में शांति बहाल करने और संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैं ग़ाज़ा में युद्ध-विराम समझौते और बंधकों की रिहाई का स्वागत करता हूँ। इस प्रक्रिया में मध्यस्थता करने वाले मिस्र, क़तर और अमेरिका की भूमिका की मैं सराहना करता हूँ। गुटेरेस ने इस बात पर भी बल दिया कि, युद्ध-विराम समझौते के आधार पर आगे बढ़ना बेहद ज़रूरी है, ताकि ग़ाज़ा में जारी हिंसा को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

ग़ाज़ा फिलिस्तीन का अभिन्न हिस्सा है
गुटेरेस ने दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) को फ़िलिस्तीन -इज़रायल संघर्ष का एकमात्र व्यावहारिक हल बताते हुए कहा कि “हम दो-राष्ट्र समाधान की आवश्यकता पर बल देते हैं, जिसमें एक स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का निर्माण शामिल है, और ग़ाज़ा इसका अभिन्न हिस्सा होगा।”

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि फ़िलिस्तीन को एक संप्रभु और स्वतंत्र देश के रूप में स्थापित किए बिना इस समस्या का कोई समाधान संभव नहीं है।

डोनाल्ड ट्रंप की ‘पलायन योजना’ पर कड़ी प्रतिक्रिया
गुटेरेस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस योजना पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें फ़िलिस्तीनियों को ग़ाज़ा से निकालकर अन्य देशों में विस्थापित करने की बात कही गई थी। उन्होंने इस योजना को ख़ारिज करते हुए कहा, “किसी भी प्रकार के जातीय सफाए (Ethnic Cleansing) को स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि फ़िलिस्तीनियों को उनकी भूमि से विस्थापित करने की किसी भी कोशिश का संयुक्त राष्ट्र विरोध करेगा।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से फ़िलिस्तीनियों के समर्थन की अपील
गुटेरेस ने अपने बयान में कहा कि फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों की रक्षा और उनकी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन के मुद्दे को हल करने के लिए शांति, न्याय और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का पालन किया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, “हमें फ़िलिस्तीन की ज़मीन की रक्षा और उसकी एकता बनाए रखने के लिए काम करना होगा।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ग़ाज़ा को अलग करने की कोई भी योजना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह इज़रायल-फ़िलिस्तीनी संघर्ष को और अधिक जटिल बना देगी।

फ़िलिस्तीनी मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की भूमिका
गुटेरेस ने यह भी स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र फ़िलिस्तीनी मुद्दे के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “संयुक्त राष्ट्र का कर्तव्य है कि वह फ़िलिस्तीनियों के आत्मनिर्णय के अधिकार (Right to Self-Determination) की रक्षा करे और उनकी भूमि की संप्रभुता को सुनिश्चित करे।”

संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ग़ाज़ा में हिंसा लगातार जारी है और इज़रायली हमलों में बड़ी संख्या में निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। गुटेरेस ने स्पष्ट किया कि ग़ाज़ा को फ़िलिस्तीन से अलग करने की किसी भी योजना का समर्थन नहीं किया जाएगा, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को फ़िलिस्तीन के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।

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