ईरान के प्रति मेरी प्राथमिकता कूटनीति है, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं: कमला हैरिस

ईरान के प्रति मेरी प्राथमिकता कूटनीति है, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं: कमला हैरिस

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार और वर्तमान उपराष्ट्रपति, कमला हैरिस, ने ईरान के खिलाफ अपने रुख को स्पष्ट करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक यहूदी समुदाय के मतदाताओं के साथ बातचीत के दौरान दावा किया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह बयान ईरान के साथ अमेरिका के बिगड़ते रिश्तों और इसके परमाणु कार्यक्रम पर गहराते विवादों के बीच आया है।

हैरिस ने कहा, “यदि मैं राष्ट्रपति बनती हूं, तो अमेरिकी सैनिकों और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए ईरान के खिलाफ आवश्यक कदम उठाने में कभी भी संकोच नहीं करूंगी।” इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ईरान को किसी भी सूरत में परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देंगी।

हालांकि, हैरिस ने यह भी कहा कि इस मुद्दे का हल खोजने के लिए कूटनीति उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा, “इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कूटनीति मेरी पसंदीदा राह है, लेकिन सभी विकल्प मेज पर मौजूद रहेंगे।” इस बयान से स्पष्ट होता है कि हैरिस एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की कोशिश कर रही हैं, जिसमें वह एक ओर सैन्य कार्रवाई की संभावना को नकार नहीं रही हैं, वहीं दूसरी ओर वह कूटनीतिक तरीकों से इस संकट को सुलझाने की प्राथमिकता दे रही हैं।

कमला हैरिस का यह बयान 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते की पृष्ठभूमि में भी महत्वपूर्ण है, जिसे जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) के नाम से जाना जाता है। इस समझौते के तहत, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के बदले आर्थिक प्रतिबंधों में राहत प्राप्त की थी। लेकिन 2018 में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस समझौते से अमेरिका को बाहर कर लिया गया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है।

कमला हैरिस ने संकेत दिया है कि वह समझौते में लौटने या कोई नया समझौता करने के लिए कूटनीति का सहारा लेना चाहेंगी, जिससे ईरान को परमाणु हथियारों की दिशा में आगे बढ़ने से रोका जा सके।

हैरिस के बयान का अमेरिका के सहयोगी देशों, विशेष रूप से इज़रायल और खाड़ी देशों, पर भी असर पड़ सकता है, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गहरी चिंता जाहिर कर चुके हैं। इज़रायल ने हमेशा से ही ईरान को अपने लिए एक बड़ा खतरा माना है और कई बार सैन्य कार्रवाई का संकेत भी दिया है, अगर ईरान परमाणु हथियारों के करीब आता है।

इस स्थिति में, हैरिस की प्राथमिकता कूटनीति है, लेकिन उनका यह बयान कि “सभी विकल्प खुले हैं”, यह संकेत देता है कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और हितों के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा। यह दृष्टिकोण अमेरिकी राजनीति में एक पारंपरिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश है, जहां एक ओर कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी जाती है और दूसरी ओर सैन्य विकल्पों को अंतिम उपाय के रूप में बनाए रखा जाता है।

हैरिस का यह दृष्टिकोण राष्ट्रपति चुनावों में यहूदी समुदाय और उन मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए दिया गया है, जो अमेरिका और इज़रायल के संबंधों को महत्वपूर्ण मानते हैं।

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