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इस्राईल ने सऊदी समेत अरब देशों को दिया सैन्य गठबंधन का निमंत्रण

इस्राईल ने सऊदी समेत अरब देशों को दिया सैन्य गठबंधन का निमंत्रण  इस्राईल ने सऊदी अरब और दो अन्य अरब देशों के सैन्य गठबंधन का निमंत्रण दिया है।

इस्राईल और खाड़ी के कुछ अरब देशों के संबंध अपने सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका द्वारा मीडिल ईस्ट के कई देशों से अपनी सैन्य उपस्थिति कम करने की तथाकथित योजना के बाद इस्राईल ने सऊदी अरब समेत दो अन्य अरब देशों को सैन्य गठबंधन का निमंत्रण दिया है।

इस्राईल के एक पूर्व सुरक्षा अधिकारी ने क्षेत्रीय अरब देशों के साथ सैन्य गठबंधन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व से अपनी सेना में भारी कटौती कर, खतरनाक काम कर रहा है लेकिन अमेरिका के इस कदम से इस्राईल के पास एक बेहतरीन अवसर है कि वह सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरैन के साथ हवाई रक्षा गठबंधन करें।

इस्राईल के पूर्व रक्षामंत्री और नेतन्या यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर स्ट्रेटिजिक स्टडीज के निदेशक एप्रैम सानेह ने कहा कि इस्राईल की जानकारी के अनुसार अमेरिका मध्य पूर्व से अपनी रक्षा प्रणालियों को वापस ले रहा है जिसमें 8 पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी हैं। वह सऊदी अरब, इराक, कुवैत और यहां तक कि जॉर्डन से भी अपनी सेना में भारी कटौती कर रहा है।

इस्राईल के इस अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के इस कदम से ड्रोन एंव मिसाइल हमलों के सामने अरब देशों का है सुरक्षा चक्र ध्वस्त होकर रह जाएगा। सितंबर 2019 में हम देखे चुके हैं कि सऊदी अरब क मुख्य ठिकानों को यमन ने सफलतापूर्वक मिसाइल हमलों का निशाना बनाया था।

इस्राईल के इस पूर्व सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि मध्य पूर्व से अमेरिका का अपनी सेना को हटाने का फैसला ईरान के लिए है एक संदेश था लेकिन हम बता देना चाहते हैं कि अमेरिका के इस कदम से ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को परमाणु वार्ता के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।

अमेरिका के इस कदम की भरपाई इस्राईल और उसके पड़ोसी देशों के बीच समझौते के जरिए हो सकती है। क्योंकि यही एक काम है जो इस्राईल की संप्रभुता एवं अखंडता की रक्षा कर सकता है।

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