इज़रायल ने हमास से मुकाबले के लिए आपराधिक गिरोहों को मैदान में उतारा
ग़ाज़ा पट्टी में युद्ध-विराम समझौते के लगातार उल्लंघन के बीच, रिपोर्टों और स्थानीय सूत्रों से पता चलता है कि इज़रायल से जुड़े हथियारबंद गिरोहों की भूमिका असुरक्षा फैलाने और फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध बलों का मुकाबला करने में बढ़ती जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम ग़ज़्ज़ा के अंदरूनी हालात को अस्थिर करने, हमास को कमज़ोर करने और वहां की सामाजिक व सुरक्षा संरचना को बदलने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
ग़ाज़ा के एक सुरक्षा सूत्र ने अल-जज़ीरा को बताया कि इज़रायली हवाई हमला उस समय किया गया, जब कुछ फ़िलिस्तीनी नागरिक तेल अवीव से जुड़े एक स्थानीय हथियारबंद गिरोह का सामना कर रहे थे। यह गिरोह अल-मग़ाज़ी कैंप में लोगों के घरों पर धावा बोलने की कोशिश कर रहा था और दावा कर रहा था कि वह प्रतिरोध बलों का पीछा कर रहा है।
ग़ाज़ा में भाड़े के और आपराधिक गिरोहों का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है। “यासिर अबू शबाब” से जुड़ा गिरोह भी लंबे समय तक रफ़ह में इज़रायली सेना के एक हथियारबंद सहयोगी के रूप में काम करता रहा था। हालांकि पिछले वर्ष दिसंबर में अबू शबाब हमास बलों के हाथों मारा गया था। अब ऐसा प्रतीत होता है कि उसके अधीन काम करने वाले लोग नए रूपों में फिर से सक्रिय हो गए हैं।

