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क़ुद्स डे” पर ईरान ने रचा इतिहास, नए सुप्रीम लीडर के आदेश पर बमबारी के बावजूद पूरा देश सड़क पर उतरा

क़ुद्स डे” पर ईरान ने रचा इतिहास, नए सुप्रीम लीडर के आदेश पर बमबारी के बावजूद पूरा देश सड़क पर उतरा

अमेरिका-इज़रायल और तेहरान के बीच जारी युद्ध के बीच ईरान की जनता ने इतिहास रच दिया है। एक तरफ़ जहां इज़रायल के सभी बड़े नेता संकरों में घुसे हुए हैं, तो वहीं पूरे ईरान की जनता और सभी बड़े नेता जिनमें अलली लारिजानी और विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची भी शामिल हैं, क़ुद्स दिवस पर अपने  नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के आदेश पर बमबारी के बीच सड़कों पर आ चुके है।

इन लोगों को न तो मौत का डर है और न तो बमबारी का। सबकी ज़बान पर बस एक ही नारा था, हमारी जानें अपने नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई पर फ़िदा है। हम अपने सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई की शहादत का बदला चाहते हैं। सड़कों पर ईरानी जनता की यह भीड़ साबित करती है कि, ईरान में और इज़रायल में कितना अंतर है। एक तरफ़ हंस कर मौत को गले लगाने वाले हैं, तो दूसरी तरफ़ मिसाइल की आवाज़ सुनते ही बंकर में भागने वाले लोग।

राशा टुडे नेटवर्क ने तेहरान में क़ुद्स दिवस की रैली का पल-पल कवरेज करते हुए लिखा कि बहादुर ईरानी, क़ुद्स दिवस की रैली में अपने आसपास अमेरिकी-इज़रायली बम गिरने के साथ-साथ भी पहले से अधिक दृढ़ता और मजबूती के साथ खड़े हैं और अमेरिका तथा इज़रायल के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे हैं।

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि “हैहात मिन्ना ज़िल्ला” और “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारों की गूंज विस्फोटों से उठते धुएँ के साथ और भी बुलंद होती जा रही है।

क़ुद्स दिवस की रैली में नए नेता की तस्वीरों के साथ ईरानियों की बड़ी भागीदारी: सीएनएन

अमेरिकी समाचार नेटवर्क सीएनएन के अनुसार, इज़राइल की धमकियों के बीच ईरान में मनाए जा रहे क़ुद्स दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। रिपोर्ट में कहा गया है कि “शुक्रवार सुबह ईरान के छोटे-बड़े शहरों में भारी भीड़ अंतरराष्ट्रीय क़ुद्स दिवस की वार्षिक रैली में फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में शामिल होने के लिए सड़कों पर आई।”

इस रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में बड़ी संख्या में लोग रैली करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे ईरान के झंडे लहरा रहे हैं और नए नेता तथा शहीद नेता की तस्वीरें हाथों में लिए हुए हैं।

सीएनएन के अनुसार, ये रैलियाँ ऐसे समय में आयोजित हो रही हैं जब इज़रायली सेना ने घोषणा की है कि उसने तेहरान में “व्यापक हमले” शुरू किए हैं। इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में तेहरान, इस्फ़हान और ईरान के अन्य क्षेत्रों में विस्फोटों की खबरें भी सामने आई थीं।

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