अमेरिका को नाजायज़ हमलों की भारी कीमत चुकानी होगी: लारिजानी
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने अमेरिका और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि, ईरान के खिलाफ शुरू किया गया यह युद्ध अन्यायपूर्ण और उकसावे पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों और दबाव में आकर अमेरिका को ईरान के साथ एक नाजायज़ और गैर-जरूरी युद्ध में झोंक दिया है।
लारीजानी ने कहा कि कुछ ही दिनों में 500 से अधिक अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह वही “अमेरिका फर्स्ट” की नीति है, जिसका वादा ट्रंप ने किया था, या फिर यह “इज़रायल फर्स्ट” की रणनीति बन चुकी है? उनके अनुसार, इस टकराव ने न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की शांति को खतरे में डाल दिया है।
उन्होंने अमेरिका पर ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन करने और बिना किसी वैध अंतरराष्ट्रीय आधार के सैन्य कार्रवाई शुरू करने का आरोप लगाया। लारीजानी ने इसे खुली दादागिरी करार देते हुए कहा कि ताकत के बल पर किसी स्वतंत्र देश को झुकाने की कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानून और नैतिकता दोनों के खिलाफ है।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि, सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की शहादत का बदला लिया जाएगा और यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि,“माजरा जारी है, और अमेरिका को इसका भारी परिणाम भुगतना पड़ेगा।
इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।

