लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच देश में जारी संकट पर फोन कॉल पर अहम चर्चा हुई। यह बातचीत हाल ही में हुए एक फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर के बाद हुई।
लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, जोसेफ औन ने बातचीत के दौरान कहा कि लेबनान की सरकार इस समझौते के सभी प्रावधानों को लागू करने की जिम्मेदारी निभाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका समझौते के किसी भी उल्लंघन को रोकने और इसके पूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में सकारात्मक भूमिका निभाएगा।
राष्ट्रपति औन ने ट्रंप से यह भी अनुरोध किया कि अमेरिका दक्षिणी लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों से इस्राईल की वापसी के लिए उस पर दबाव डाले।
बयान के मुताबिक, औन ने लेबनान, कानून के शासन और देश की संवैधानिक तथा सुरक्षा संस्थाओं के प्रति अमेरिकी समर्थन के लिए ट्रंप का धन्यवाद भी किया।
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका लेबनान की अर्थव्यवस्था और उसकी वैध सुरक्षा संस्थाओं का समर्थन जारी रखेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका देश लेबनान की संप्रभुता को मजबूत करने और वहां की सशस्त्र सेनाओं के माध्यम से सरकारी अधिकार को पूरे देश में स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

