अंकारा: तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने मक्का डिफेंस एलायंस के संबंध में बात करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच बने तीन देशों के गठबंधन को ‘मक्का डिफेंस एलायंस’ का नाम दिया है।
फिदान ने कहा कि यह गठबंधन किसी खास देश के खिलाफ नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इसके दरवाजे सभी भाईचारे वाले देशों के लिए खुले हैं और नए देशों के इसमें शामिल होने का तुर्की स्वागत करेगा।
तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ कई स्तरों पर बातचीत हुई है। इसमें विदेश मंत्रियों, रक्षा मंत्रियों और तीनों देशों के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के बीच बैठकें शामिल हैं।
फिदान के मुताबिक, इस गठबंधन का उद्देश्य क्षेत्र में एक मजबूत और सक्षम सुरक्षा ढांचा तैयार करना है, जो समस्याओं के समाधान में प्रभावी भूमिका निभा सके।
हाकान फिदान ने कहा कि इस गठबंधन का विजन शांति पर आधारित है। उन्होंने बताया कि ‘मक्का डिफेंस एलायंस’ की मुख्य संरचना तैयार करने का काम शुरू हो गया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह गठबंधन पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति का है और अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित है। इसका किसी विशेष देश को निशाना बनाने का कोई उद्देश्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन को आगे बढ़ाने और इसमें नए देशों को शामिल करने की योजना है। इसके जरिए क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग के लिए एक नई व्यवस्था तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर भी हाकान फिदान ने कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू अब वैश्विक समुदाय के लिए खतरा बन गए हैं और उन्हें रोकना जरूरी है।
फिदान ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू द्वारा किए गए ‘नरसंहार’ के बाद वह सुरक्षा और मानवता के दुश्मन बन गए हैं। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू से सिर्फ क्षेत्र को ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को नुकसान पहुंच रहा है और उन्हें रोकने की जरूरत है।

