चुनावी बॉण्ड मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच होना होनी चाहिए: कांग्रेस

चुनावी बॉण्ड मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच होना होनी चाहिए: कांग्रेस

कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि “चुनावी बॉण्ड घोटाले” की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच होना जरूरी है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में सरकार का मतलब “जितना चंदा, उतना हक” है। निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को चुनावी बॉण्ड के आंकड़े सार्वजनिक कर दिये।

जयराम रमेश ने कहा, “कल चुनावी बॉण्ड पर डेटा सामने आने के बाद पहले विश्लेषण में बीजेपी की चार भ्रष्ट नीति-“चंदा दो, धंधा लो, ⁠हफ्ता वसूली, ⁠ठेका लो, रिश्वत दो और फर्जी कंपनी- डकैत संगनी” सामने आई थी। चुनावी बॉण्ड घोटाले के माध्यम से सामने आए भ्रष्टाचार के ये चारों पैटर्न गंभीर चिंता के विषय हैं।”

उन्होंने दावा किया , ‘इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों ने भारी मात्रा में चंदा दिया है। उदाहरण के लिए मेघा इंजीनियरिंग, तेलंगाना में कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना पर काम कर रही थी। मेघा ने मेडीगड्डा बैराज के कुछ हिस्से का निर्माण किया, जो इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसा हुआ कि बैराज डूबने लगा, जिससे करदाताओं का एक लाख करोड़ रुपए बर्बाद हो गए।’

उनके मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में इस तरह बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के ख़राब होने कई उदाहरण देखे गए हैं, ऐसा ही एक और उदाहरण गुजरात का मोरबी है। रमेश ने कहा, ‘कंपनियों ने चुनावी बॉण्ड खरीदने के बाद पर्यावरण संबंधी मंजूरी प्राप्त किया। चुनावी बॉण्ड से कितनी वन भूमि नष्ट हुई? भाजपा का खज़ाना भरा रखने का बोझ किन आदिवासी समुदायों को उठाना पड़ा है?’

उन्होंने दावा किया, ‘ चुनावी बॉण्ड घोटाले के माध्यम से सामने आए इन भ्रष्ट कार्यों के अलावा आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी के पसंदीदा कारोबारी समूह की अमेरिकी जांच से संबंधित खबरें सामने आई है। कांग्रेस ने इससे पहले अपनी ”हम अडाणी के हैं कौन’ सीरीज में ‘मोदानी घोटाले ‘पर 100 सवाल पूछे थे।’

चुनावी बॉन्ड योजना के माध्यम से भाजपा पर योजनाबद्ध तरीके से गंभीर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से इसकी उच्च स्तरीय जांच कराए जाने के साथ भाजपा के बैंक खातों को तत्काल फ्रीज करने की मांग की है।

पार्टी ने चुनावी बॉन्ड योजना के तहत भाजपा को मिले चंदे में भ्रष्टाचार के अलग-अलग तरीकों को इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके जरिए चुनावी बॉन्ड की समूची धनराशि का 50 फीसद केवल भाजपा को मिला है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles