भारत-अमेरिका व्यापार डील में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं हुआ: गोयल
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को “विकसित भारत 2047” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शनिवार को कहा कि इसमें देश के किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस समझौते से अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत रह जाएगा और कई वस्तुओं पर शून्य शुल्क लगेगा। इससे 30 अरब डॉलर का अमेरिकी बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए खुल जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है।
पीयूष गोयल ने कहा कि कुछ किसान-विरोधी तत्व यह गलत प्रचार कर रहे हैं कि इस समझौते से भारतीय किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते में कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया गया है जिससे देश के किसानों, हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आनुवंशिक रूप से परिवर्तित (जीएम) उत्पाद पर शुल्क कम नहीं किया गया है। मांस, पोल्ट्री उत्पाद, डेयरी, चावल, गेहूं, चीनी, रागी, ज्वार और बाजरा के आयात पर कोई रियायत नहीं दी गई है। केला, चेरी, स्ट्रॉबेरी, ग्रीन टी, काबुली चना, शहद, तंबाकू और एथेनॉल के आयात पर भी कोई छूट नहीं दी गई है।
उन्होंने बताया कि दूसरी ओर अमेरिका में जवाबी आयात शुल्क घटकर 18 प्रतिशत होने से खिलौनों, खेल सामग्री और वस्त्रों के निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। अमेरिका में 18 प्रतिशत आयात शुल्क भारत के सभी पड़ोसी और प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है।

