नई दिल्ली: काला सागर में भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यूक्रेन की ओर से किए गए ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की जान जाने के मामले में अब सैन्य प्रतिक्रिया की मांग भी सामने आने लगी है। भारतीय सेना के रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारत को अब सख्त रुख अपनाना चाहिए।
जीडी बख्शी ने कहा कि भारत को कम से कम यूक्रेन से माफी और मृतक के परिवार के लिए मुआवजे की मांग करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की नीतियों की वजह से हालात और बिगड़ रहे हैं और अब इसका असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ रहा है।
पूर्व सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि यूक्रेन पहले भी रूसी जहाजों और समुद्री ठिकानों को निशाना बनाता रहा है। उनका कहना है कि रूस को भी इस तरह के हमलों का जवाब देना चाहिए और यूक्रेन की कार्रवाई पर रोक लगनी चाहिए।
यह मामला तब सामने आया जब MV Omorfi नाम के एक व्यापारिक जहाज पर काला सागर में ड्रोन हमला हुआ। बताया गया कि जहाज रूसी जल क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। भारत ने इस घटना पर यूक्रेन के राजदूत के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया और अपनी चिंता जताई।
इससे पहले भी MV Gold Leo नाम के एक अन्य मर्चेंट जहाज पर हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूसी अधिकारियों के सामने भी मामले को उठाया था।
लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि जो लोग काला सागर क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर नौकरी या यात्रा की योजना बना रहे हैं, वे सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए ही कोई फैसला लें।

