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यमन हमले का असर: तेल कंपनियों के बड़े अधिकारी, रियाद सम्मेलन से अनुपस्थित

यमन हमले का असर: तेल कंपनियों के बड़े अधिकारी, रियाद सम्मेलन से अनुपस्थित

सुरक्षा संबंधी मौजूदा तनाव और इसके परिणामस्वरूप हवाई यातायात में पैदा हुई बाधाओं के बीच, ऊर्जा क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी रियाद में आयोजित विश्व ऊर्जा सम्मेलन के कार्यक्रम से अनुपस्थित हो गए हैं। एक्सॉनमोबिल, टोटलएनर्जीज़, शेल, शेवरॉन और बीपी जैसी कई कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद थी। यह सम्मेलन रविवार को शुरू हुआ था।

हालांकि, सोमवार को आयोजकों द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम में अब इन अधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं। ये अधिकारी सम्मेलन के नियमित प्रतिभागियों में गिने जाते हैं। कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें इस सप्ताह वैश्विक तेल और गैस बाज़ारों, ऊर्जा सुरक्षा तथा ऊर्जा संक्रमण जैसे विषयों पर चर्चा करनी थी। बीपी के एक प्रवक्ता ने कहा कि, कंपनी ने सम्मेलन में भाग लेने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश की थी, “दुर्भाग्य से, यात्रा में आई बाधाओं के कारण हम व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते।”

सऊदी अरब को अक्टूबर 2022 में इस सम्मेलन की मेज़बानी के लिए चुना गया था। यह पहली बार है जब इस आयोजन की मेज़बानी सऊदी अरब कर रहा है। इस सम्मेलन का पहला आयोजन वर्ष 1933 में ब्रिटेन में हुआ था। विश्व ऊर्जा सम्मेलन का आयोजन इस वर्ष अप्रैल में किया जाना था, लेकिन फरवरी के आख़िर में ईरान पर अमेरिका और  के हमले के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था।

इस सप्ताह आयोजित हो रहा ऊर्जा सम्मेलन रियाद के एक सम्मेलन केंद्र में हो रहा है, जो रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है। पिछले सप्ताह यमनी सशस्त्र बलों ने इस हवाई अड्डे को चार बार निशाना बनाया था। यह कार्रवाई यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब की आक्रामक कार्रवाई के जवाब में की गई थी।

यमनी सशस्त्र बलों का कहना है कि, वे सऊदी अरब के भीतरी इलाकों को निशाना बनाकर अपने अभियान तेज़ करते रहेंगे। उनका कहना है कि वे “नाकाबंदी के जवाब में नाकाबंदी और तनाव बढ़ाने के जवाब में तनाव बढ़ाने” की नीति पर कायम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक हमले बंद नहीं होते और नाकाबंदी समाप्त नहीं की जाती, तब तक वे दुश्मन की सैन्य जमावटों और तैनात बलों को निशाना बनाते रहेंगे।

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