दक्षिण अफ्रीका: रामफोसा ने भारतीयों और अश्वेतों के बीच तनाव कम करने के लिए मंत्री को भेजा

दक्षिण अफ्रीका: भारतीयों के ख़िलाफ़ जातिये तनाव की जाँच के लिए नेताओ को भेजा गया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने दक्षिण अफ्रीकी समकक्ष नलेदी पंडोर के साथ बात कर दक्षिण अफ्रीकी के डरबन में भारतीय और अश्वेत समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच व्यापक हिंसा और दंगों पर चिंता व्यक्त की थी जिसके बाद वहां के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने शुक्रवार को कहा है कि उन्होंने अपने पुलिस मंत्री और क्वाज़ुलु नताल प्रांत के कुछ मंत्रियों को एक बस्ती में भेज दिया है। ताकि वहां के हालत का जायज़ा लें।

पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा की 7 जुलाई को गिरफ्तारी को लेकर हुई हिंसा के बाद सोशल मीडिया पोस्ट से फीनिक्स और आसपास के इलाकों में दो समुदायों के बीच तनाव पैदा हो गया था। हिंसा से चिंतित जयशंकर ने बुधवार को वहां के विदेश मंत्री पंडोर से बात की थी, जिसमे उन्हें भारतीय विदेश मंत्री को आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार कानून और व्यवस्था को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

बता दें कि राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा कुछ समय के लिए एथेक्विनी में थे, जो एक बड़े शहर की नगरपालिका है जिसमें डरबन शहर और आसपास के शहर शामिल हैं, जहाँ पर भारतीयों और अश्वेत समुदायों के बीच विवाद खड़ा हो गया था हालाँकि उन्होंने अभी तक दरबान शहर का दौरा नहीं किया है

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा कि “हमारे देश के पुलिस मंत्री फीनिक्स जा रहे थे साथ ही स्थानीय नेताओं – प्रीमियर, एमईसी (शहर की कार्यकारी समिति के सदस्य) को वहां पर पैदा हुई इस तरह की स्थिति से निपटना होगा।

उन्होंने कहा कि “मैं खुद उन इलाक़ों में जाना चाहता था, लेकिन एक कैबिनेट बैठक करने जा रहे हैं, इसलिए मुझे गौतेंग (प्रांत) वापस जाना होगा, लेकिन मैं अभी यहां हूं, और ज़मीन की क़सम कहते हुए कह रहा हूँ कि मैंने भारतीयों की सुरक्षा का निर्देश भी दे दिया है। साथ सुरक्षा बालों को भी उन क्षेत्रों में जाने के लिए कहा जो इस समय अस्थिर हैं। ”

भारतीयों और अश्वेत लोगों के बीच हुए विवाद के बारे में नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त को वहां की स्थिति से अवगत कराया था।” बता दें कि प्रिटोरिया में भारतीय उच्चायोग और जोहान्सबर्ग और डरबन में भारतीय दूतावास, भारतीय समुदाय के संपर्क मे है और पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है ।

पुलिस मंत्री सेले ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सैनिकों की तैनाती से फीनिक्स में कानून-व्यवस्था बहाल हो जाएगी। सेले ने स्थिति के लिए अपराधियों को जिम्मेदार ठहराया, न कि जुमा की कैद का विरोध करने वालों को।

 

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