ईरान किसी भी तरह के अत्याचार और दबाव के आगे न झुका है और न झुकेगा: ईरानी चीफ़ जस्टिस
ईरान के न्यायपालिका प्रमुख ग़ुलाम हुसैन मोहसनी एज़ेई ने भारत के दौरे के दौरान देश के मुस्लिम विद्वानों और विभिन्न धर्मों के प्रमुखों से मुलाकात में कहा:
“हमने अपने शहीदों के ख़ून तथा अपने लोगों की मेहनत और प्रयासों का फल प्राप्त किया है, और आज हम गर्व एवं सम्मान के साथ सिर ऊँचा करके खड़े हैं।”
उन्होंने कहा, “आज ईरान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने दुनिया की सबसे बड़ी साम्राज्यवादी शक्ति यानी अमेरिका को ‘नहीं’ कहा है।”
एज़ेई ने कहा:
आज ईरान के ख़िलाफ़ सभी प्रकार की अमानवीय कार्रवाइयाँ की गई हैं और दुश्मन इन पर गर्व करते हैं
उन्होंने कहा,
ऋ“अगर उस समय, जब हत्यारे इस्राईली आतंकियों ने ग़ाज़ा में 70 हजार से अधिक महिलाओं और बच्चों को ख़ून में नहला दिया था, दुनिया उनके ख़िलाफ़ खड़ी हो जाती, तो आज वे किसी दूसरे देश के खिलाफ आक्रमण और ग़ैर-कानूनी हमला करने की हिम्मत नहीं लकरते।”
विश्व में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए हम एक-दूसरे का हाथ थामें
भारत यात्रा के दौरान एजेई ने कहा:
“हम सभी मिलकर विचार-विमर्श करें कि आक्रमणकारियों को उनकी जगह कैसे दिखाई जाए। हमें यह अनुमति नहीं देनी चाहिए कि विस्तारवादी और साम्राज्यवादी ताकतें हर दिन दुनिया के किसी न किसी हिस्से पर हमला करती रहें।”
चीन के साथ संबंधों के विस्तार के लिए ईरान का संकल्प, अटल है
चीन के सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख के साथ मुलाकात में एज़ेई ने कहा:
“दुनिया एक नई वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और इस प्रक्रिया में चीन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।”
उन्होंने कहा,
“चीन की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताएँ, ईरान की स्वदेशी क्षमताओं के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच सहयोग में एक नई छलांग का आधार बन सकती हैं और दोनों देशों की साझा शक्ति को मजबूत कर सकती हैं।”
उन्होंने आगे कहा,
“न्यायिक क्षेत्रों में संपर्क और सहयोग के आधार को स्थापित तथा विस्तारित करना दोनों देशों के संबंधों के अन्य रणनीतिक क्षेत्रों को मज़बूत करने में सहायक भूमिका निभा सकता है।”
ईरान और चीन के बीच हमेशा स्थिर संबंध रहे हैं: चीन के सर्वोच्च न्यायालय प्रमुख
चीन के सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख झांग जून ने ईरान के न्यायपालिका प्रमुख से मुलाकात के दौरान कहा:
“हमें उम्मीद है कि चीन और ईरान के बीच संबंध एवं सहयोग सभी क्षेत्रों में और अधिक विकसित होंगे।”
उन्होंने कहा:
“क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद चीन और ईरान के बीच हमेशा स्वस्थ और स्थिर संबंध रहे हैं। दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे की मदद की है और एक-दूसरे के साथ सहयोग किया है। हमें उम्मीद है कि हम दोनों देशों के बीच इस रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने में सक्षम होंगे।”

