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जो व्यक्ति काबा का पर्दा ‘एप्स्टीन’ को उपहार में देता है, वही पवित्र स्थलों का असली दुश्मन है: यमन

जो व्यक्ति काबा का पर्दा ‘एप्स्टीन’ को उपहार में देता है, वही पवित्र स्थलों का असली दुश्मन है: यमन

यमन की सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के प्रमुख महदी अल-मशात ने कहा कि, सऊदी अरब के वे दावे, जिनमें कहा गया है कि, यमन ने मक्का को निशाना बनाया है, लोगों की भावनाओं को भड़काने और विभिन्न देशों की जनता को लामबंद करने की एक हताश कोशिश हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह यमन की जनता मस्जिद अल-अक्सा की रक्षा के लिए लड़ रही है, उसी तरह हम बैतुल्लाह (काबा) की रक्षा के लिए भी अपनी जान क़ुर्बान करने को तैयार है।

अमेरिका में जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े बड़े यौन अपराध कांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि, जो व्यक्ति पूरी बेशर्मी के साथ “काबा का पर्दा” एप्स्टीन जैसे अपराधी को उपहार में देता है, वास्तव में वही मक्का और इस्लामी पवित्र स्थलों का अपमान कर रहा है।

मक्का मुकर्रमा पर हमले के झूठे दावे को लेकर सऊदी अरब पर अंसारुल्लाह का तंज

इसी तरह के एक बयान में, यमनी अंसारुल्लाह आंदोलन के राजनीतिक कार्यालय के सदस्य मुहम्मद अल-बुखैती ने भी रियाद से जुड़े मीडिया संस्थानों के हालिया प्रचार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, यमन पर मक्का पर हमला करने का आरोप एक बड़ा झूठ है, जिसे सऊदी शासन ने अपनी लगातार सैन्य विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए गढ़ा है।

अल-बुखैती ने मक्का, मदीना और कुद्स (यरूशलम) के धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यमन की जनता और सरकार स्वयं को इस्लामी पवित्र स्थलों की रक्षा में अग्रणी मानते हैं।

उन्होंने कहा कि यह तर्कसंगत नहीं है कि जो पक्ष मुसलमानों के पहले क़िबले, मस्जिद अल-अक्सा, को इस्राईली  क़ब्ज़े से मुक्त कराने के लिए युद्ध कर रहा है, वही मुसलमानों के दूसरे क़िबले के पवित्र क्षेत्र का उल्लंघन करेगा।

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