अमेरिकी हमले के जवाब में बहरीन में अमेरिकी सेना के ड्रोन कमांड एवं कंट्रोल सेंटर को ध्वस्त कर दिया: आईआरजीसी
आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका, जिसे उसने “आक्रामक और युद्धोन्मुखी शासन” बताया, अपनी स्थापना से अब तक बहुत कम समय ही युद्ध और सैन्य हस्तक्षेप से दूर रहा है। बयान में यह भी कहा गया कि हालिया संघर्षों में “इंक़लाबे इस्लामी ईरान के जवानों” के हाथों मिली असफलताओं के बावजूद अमेरिका ने अपने सैन्य हमले और आक्रामक कार्रवाइयाँ जारी रखी हैं।
बयान के अनुसार, इन कार्रवाइयों के जवाब में आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स ने अपनी जवाबी कार्रवाई के दूसरे चरण में बहरीन के शेख ईसा स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हेलीकॉप्टरों के रखरखाव एवं मरम्मत केंद्र, पी-8 इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान के हैंगर तथा अमेरिकी सेना के ड्रोन कमांड एवं कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया।
बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पाँचवें बेड़े (फिफ्थ फ़्लीट) के मुख्यालय से अब भी धुआँ और आग की लपटें उठती हुई दिखाई दे रही हैं।
कुछ स्रोतों के अनुसार, बहरीन पर मिसाइल हमला किया गया है और वहाँ हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बज उठे हैं। वहीं, समाचार स्रोतों के अनुसार कुवैत में भी कई विस्फोट होने की खबरें सामने आई हैं।
कुवैत की अमेरिका के साथ ईरान पर तड़के हुए हमले में कथित संलिप्तता
कुछ समाचार स्रोतों ने दावा किया है कि ईरान की ओर दागी गई अमेरिकी मिसाइलों में से कुछ का प्रक्षेपण कुवैत की भूमि से किया गया था। आईआरजीसी ने कहा कि उसकी जवाबी सैन्य कार्रवाई अभी जारी है।

