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अमेरिकी सैनिकों की मेज़बानी करने वाले देश जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें: आईआरजीसी

अमेरिकी सैनिकों की मेज़बानी करने वाले देश जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें: आईआरजीसी

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने का दावा किया है कि, कुवैत के अरीफ़जान में दुश्मन के जमावड़े और अली अल-सलेम स्थित अमेरिकी अड्डे के रडार को नष्ट कर दिया गया । इसके साथ ही आईआरजीसी ने अमेरिकी सैनिकों की मेज़बानी करने वाले देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि, ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिका की सहायता करने वाले सभी देश जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

आईआरजीसी के अनुसार, दुश्मन ने कल से आमने-सामने की लड़ाई के मैदान से पीछे हटकर नई रणनीति अपनाई है। उसने युद्ध अपराध करते हुए अस्पतालों, पुलों, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, दूरसंचार केंद्रों और अन्य नागरिक ढांचों पर हमले किए तथा आम नागरिकों की हत्या कर अपनी सैन्य विफलता को छिपाने की कोशिश की।

बयान में कहा गया है कि, चूँकि अमेरिकी सेना की इन कार्रवाइयों को रोकने वाला कोई अंतरराष्ट्रीय संस्थान मौजूद नहीं है, इसलिए हमारे सामने केवल क़ुरआन के इस आदेश पर अमल करने का रास्ता है:

“जो तुम पर जितनी ज्यादती करे, तुम भी उसी अनुपात में उसका जवाब दो।”

आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि, जिन देशों ने अपनी भूमि अमेरिकी सैनिकों को ईरान पर हमला करने के लिए उपलब्ध कराई है, उन्हें समान जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए। साथ ही उसने अपने नागरिक सुरक्षा तंत्र को सक्रिय करने और नागरिकों को संभावित निशानों से दूर रखने की सलाह दी।

बयान के अनुसार, दुश्मन को अपनी नीति बदलने का अवसर देने के उद्देश्य से बीती रात फ़िलहाल केवल सैन्य ठिकानों को ही जवाबी कार्रवाई का लक्ष्य बनाया गया।

आईआरजीसी का दावा है कि उसकी जमीनी सेना ने कुवैत के अरीफ़जान में अमेरिकी जमीनी बलों के सहायता केंद्र में तैनात सैनिकों के जमावड़े को निशाना बनाया, जिसमें कई अमेरिकी सैनिक मारे गए। साथ ही ड्रोन हमले के जरिए अली अल-सलेम स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे के रडार को भी नष्ट कर दिया गया।

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसकी जमीनी सेना ने हथियारों की मरम्मत एवं रखरखाव वाले एक शेड तथा ड्रोन हैंगर को भी ध्वस्त कर दिया है। बयान के अंत में कहा गया कि जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।

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