अराक़ची का ट्रंप को संदेश: जून वाली ग़लती, दोहराइये मत
ईरान के विदेश मंत्री ने फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा: “आपने जो ग़लती जून में की थी, उसे दोहराइये मत। आप जानते हैं कि अगर आप एक असफल अनुभव को फिर से आज़माएंगे, तो वही परिणाम मिलेगा।”
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने फॉक्स न्यूज़ के होस्ट ब्रेट बियरट से कहा कि ईरान में आतंकवादी घटनाओं के पीछे बाहरी तत्व थे, जो ISIS के तरीके अपनाते थे और उन्होंने सैन्य बलों और आम जनता को मारा। उन्होंने सुरक्षा बलों और पुलिस को जिंदा जलाया, सिर काटे और पुलिस व आम जनता की तरफ गोलीबारी की।
उन्होंने बताया कि “हम तीन दिन तक आतंकवादियों से लड़ रहे थे, प्रदर्शनकारियों से नहीं।” उनका कहना था कि आतंकवादियों ने आम जनता पर गोलीबारी इसलिए की ताकि हताहतों की संख्या बढ़े और ट्रंप को संघर्ष में खींचा जा सके। यह पूरी योजना इज़रायली शासन की थी।
अराक़ची ने कहा कि 8 से 10 जनवरी के बीच ईरान व्यापक आतंकवादी हमलों का सामना कर रहा था और इसे अमेरिका और इज़रायल की 12-दिन की युद्ध की जारी प्रक्रिया माना जाता है। यानी 8 जनवरी (पिछला गुरुवार) युद्ध का तेरवां दिन था।
उन्होंने आगे कहा कि “अब तीन दिन के आतंकवादी हमलों के बाद शांति स्थापित हो गई है और पूरी स्थिति नियंत्रण में है। हमें उम्मीद है कि बुद्धिमत्ता का रास्ता अपनाया जाएगा और तनाव के उच्च स्तर की ओर नहीं बढ़ेंगे, क्योंकि यह सभी के लिए विनाशकारी हो सकता है।”
जब उनसे पूछा गया कि ट्रंप के लिए उनका संदेश क्या है, उन्होंने कहा: “जून में जो ग़लती आपने की थी, उसे दोहराओ मत। आप जानते हैं कि अगर आप एक असफल अनुभव को फिर से आज़माएंगे, तो वही परिणाम मिलेगा। आपने उपकरण और मशीनें (सेंट्रीफ्यूज) नष्ट कर दीं, लेकिन तकनीक, इच्छा और हिम्मत को आप बमबारी से नहीं मिटा सकते।”
उन्होंने ज़ोर दिया कि ईरान ने यह साबित किया है कि, वह बातचीत और कूटनीति के लिए तैयार है और इसे पिछले 20 सालों में साबित किया है। लेकिन अमेरिका हमेशा कूटनीति से दूर रहा, बातचीत का रास्ता बंद किया और युद्ध का विकल्प चुना।
अराक़ची ने कहा: “मेरा संदेश ट्रंप के लिए यह है कि युद्ध और कूटनीति में, कूटनीति बेहतर रास्ता है। भले ही अमेरिका का हमारे साथ सकारात्मक अनुभव न रहा हो, कूटनीति युद्ध से बहुत बेहतर है।”

