AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि यदि ईरान की ओर से औपचारिक राजनयिक निमंत्रण मिलता है, तो उन्हें किसी प्रतिनिधिमंडल को भेजने के बजाय स्वयं ईरान जाकर वहां के सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए।
ओवैसी ने कहा कि यह भारत के लिए अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक ताकत का प्रदर्शन करने का अवसर होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका इस्राईल के हमलों में शहीद होने वाले ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में खुद शामिल होना चाहिए, न कि कोई प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी रणनीतिक ताकत दिखानी चाहिए तथा इस्राईल और अमेरिका के भू-राजनीतिक दबाव के आगे झुकने से साफ इनकार करना चाहिए।
उनके अनुसार, भारत को अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेने चाहिए और किसी भी बाहरी भू-राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत के ईरान के साथ लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। ऐसे में यदि ईरान की ओर से आधिकारिक निमंत्रण प्राप्त होता है, तो प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत उपस्थिति दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने का संदेश दे सकती है।
ओवैसी ने कहा कि भारत को अपनी विदेश नीति में संतुलन बनाए रखते हुए स्वतंत्र रुख अपनाना चाहिए और किसी भी वैश्विक शक्ति के दबाव में निर्णय नहीं लेना चाहिए।
हालांकि, भारत सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान की ओर से भारत को कोई औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है या नहीं।

