बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया का निधन
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख खालिदा ज़िया का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी राजनीतिक पार्टी ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर यह जानकारी दी। खालिदा ज़िया और अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के बीच दशकों तक चली राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता ने बांग्लादेश की राजनीति को एक पूरी पीढ़ी तक आकार दिया।
खालिदा ज़िया लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें लीवर सिरोसिस, डायबीटीज़, गठिया और हृदय से जुड़ी जटिल समस्याएं थीं। हाल के हफ्तों में उनकी तबीयत और बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक 23 नवंबर को उन्हें हार्ट और फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले 36 दिनों से उनका इलाज चल रहा था और वे निमोनिया से भी पीड़ित थीं।
खालिदा ज़िया पर भ्रष्टाचार के कई मामले दर्ज थे, जिन्हें वह हमेशा राजनीतिक साजिश बताती रहीं। जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ अंतिम भ्रष्टाचार मामले में उन्हें बरी कर दिया था, जिससे फरवरी में होने वाले चुनावों में उनकी भागीदारी का रास्ता साफ हुआ। वह हाल ही में ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद मई में बांग्लादेश लौटी थीं। इससे पहले अंतरिम सरकार ने उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति दी थी, जबकि शेख़ हसीना की सरकार उनके कई अनुरोध पहले खारिज कर चुकी थी।
खालिदा ज़िया की शादी बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति ज़ियाउर रहमान से हुई थी, जिनकी 1981 में एक सैन्य तख्तापलट के दौरान हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने सैन्य तानाशाही के खिलाफ जन आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप 1990 में तानाशाही शासन का अंत हुआ।
उन्होंने 1991 में पहली बार प्रधानमंत्री पद संभाला और 2001 से 2006 तक दूसरी बार इस पद पर रहीं। वे बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। उनके कार्यकाल के दौरान संसदीय लोकतंत्र को बहाल किया गया और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनावों की प्रक्रिया को मजबूत किया गया। 2007 में सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार के दौरान उन्हें शेख़ हसीना समेत अन्य नेताओं के साथ जेल भेजा गया था। बाद में रिहा होने के बाद उन्होंने 2008 का चुनाव लड़ा, हालांकि उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

