अमेरिका ने इराक़ को नूरी अल-मालिकी के प्रधानमंत्री बनने के बारे में चेतावनी दी
अमेरिका ने इराक़ में राजनीतिक बदलावों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इराक़ के वर्तमान प्रधानमंत्री मोहम्मद शियाक सुदानी से टेलीफोन पर बातचीत की और ईरान समर्थक सरकार के गठन की संभावना के बारे में चेतावनी दी। यह बातचीत खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नूरी अल-मालिकी के फिर से प्रधानमंत्री बनने की संभावना सामने आई है।
नूरी अल-मालिकी पहले इराक़ के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। 2014 में, अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय दबावों के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। अब हाल ही में हुए इराक़ी चुनावों में मुख्य शियाई गठबंधन ने संसद में सबसे अधिक सीटें जीतकर राजनीतिक बहुमत हासिल कर लिया है। इस गठबंधन ने नूरी अल-मालिकी को फिर से प्रधानमंत्री पद के लिए नामांकित किया है।
अमेरिका की चिंता मुख्य रूप से यह है कि नूरी अल-मालिकी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार ईरान के प्रति अनुकूल नीतियाँ अपना सकती है। इससे न केवल इराक़ की आंतरिक राजनीति प्रभावित हो सकती है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान समर्थक सरकार का गठन क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ा सकता है और अमेरिका तथा उसके सहयोगी देशों की रणनीतिक योजनाओं में बाधा डाल सकता है।
इस कदम को अंतरराष्ट्रीय समुदाय और इराक़ के भीतर राजनीतिक पार्टियों ने भी नज़रों से देखा जा रहा है। इराक़ की राजनीति लंबे समय से विभिन्न धार्मिक और क्षेत्रीय शक्तियों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है। ऐसे में नूरी अल-मालिकी का लौटना राजनीतिक परिदृश्य को और जटिल बना सकता है।

