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ट्रंप अपने “बेहद ख़राब जनमत सर्वेक्षणों” को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते: ट्रंप की पूर्व सहयोगी

ट्रंप अपने “बेहद ख़राब जनमत सर्वेक्षणों” को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते: ट्रंप की पूर्व सहयोगी

अमेरिका की पूर्व कांग्रेस सदस्य मर्जोरी टेलर ग्रीन ने डोनाल्ड ट्रंप की हालिया नीतियों और बयानों पर तीखी टिप्पणी करते हुए दावा किया है कि उनका बदला हुआ रुख किसी सिद्धांत या रणनीतिक सोच का परिणाम नहीं, बल्कि गिरती लोकप्रियता और खराब जनमत सर्वेक्षणों का नतीजा है।

ग्रीन के अनुसार, ट्रंप ने पहले ईरान के खिलाफ आक्रामक नीतियों और युद्धोन्मुखी रुख का समर्थन किया, लेकिन जब जनता के बीच उनकी नीतियों को लेकर असंतोष बढ़ने लगा और सर्वेक्षणों में उनकी स्थिति कमजोर दिखाई देने लगी, तो उन्होंने अचानक अपनी भाषा और नीति दोनों बदलनी शुरू कर दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप का इज़रायल के प्रति अपेक्षाकृत सख्त रवैया अपनाना, युद्ध समाप्त करने की बात करना तथा तेल कंपनियों को धमकी देना राजनीतिक दबाव से प्रेरित कदम हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि कोई नेता अपने राजनीतिक हितों के अनुसार लगातार अपने रुख बदलता है, तो इससे उसकी नीतिगत स्थिरता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं। आलोचकों का कहना है कि ट्रंप की राजनीति अक्सर जनभावनाओं और चुनावी गणनाओं के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जिसके कारण उनके बयानों और निर्णयों में निरंतरता का अभाव दिखाई देता है।

ग्रीन की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ट्रंप की विदेश नीति, विशेष रूप से पश्चिम एशिया के मामलों में उनकी भूमिका और निर्णयों को लेकर अमेरिका के भीतर भी बहस तेज हो गई है। उनके आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप सिद्धांतों से अधिक राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देते हैं और परिस्थितियों के अनुसार अपना रुख बदल लेते हैं।

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