ट्रंप ने ईरान में दंगाइयों को हथियार देने की बात स्वीकार की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ताज़ा इंटरव्यू में दावा किया है कि, ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए हथियार भेजे थे। यह बयान उन्होंने फॉक्स न्यूज़ से बातचीत के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने ईरान की आंतरिक स्थिति और अमेरिका की भूमिका पर खुलकर बात की।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरान में हुए प्रदर्शनों के दौरान सरकार ने बड़े पैमाने पर हिंसा की और हजारों नागरिकों की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि, इन हालात के बाद अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के लिए उन्हें हथियार उपलब्ध कराए। उनके अनुसार, ये हथियार सीधे नहीं बल्कि कुर्द समूहों के माध्यम से भेजे गए थे।
हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि जिन हथियारों को प्रदर्शनकारियों तक पहुंचना था, वे पूरी तरह से उनके हाथों में नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि संभव है कि कुर्द समूहों ने उन हथियारों को अपने पास ही रोक लिया हो।
ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि यदि यह दावा सही है तो यह किसी देश के आंतरिक मामलों में सीधे हस्तक्षेप और अस्थिरता को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा सकता है। वहीं, इस बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान राजनीतिक उद्देश्यों से भी प्रेरित हो सकते हैं, इसलिए इसकी सत्यता की जांच और आधिकारिक पुष्टि बेहद जरूरी है।

