दुश्मनों का मुख्य उद्देश्य, मध्य पूर्व का नक्शा बदलकर “ग्रेटर इस्राईल” की योजना को लागू करना है: अंसारुल्लाह
यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के नेता ने अब्दुल मलिक- अल-हूती ने कहा कि, अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा ईरान, लेबनान, फ़िलिस्तीन तथा इस्लामी उम्मत के अन्य देशों के विरुद्ध की जा रही सैन्य और राजनीतिक कार्रवाइयों का मूल उद्देश्य क्षेत्र में तथाकथित “ग्रेटर इस्राईल” की योजना के सामने मौजूद सभी बाधाओं को समाप्त करना है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था को बदलने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी नीतियों से यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि अमेरिका एक लालची और विस्तारवादी शक्ति के रूप में दूर-दराज़ से इस क्षेत्र में आया है। उसका उद्देश्य क्षेत्र पर अपना प्रभाव स्थापित करना, कब्ज़ा करना, लोगों की हत्या करना, प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करना, इस्लामी उम्मत के लोगों की स्वतंत्रता छीनना और उन पर अपना प्रभुत्व कायम करना है।
अंसारुल्लाह के नेता ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे गंभीर और चिंताजनक संकेत मिल रहे हैं कि इस्राईल मस्जिद-ए-अक्सा के कुछ हिस्सों में किसी विध्वंसकारी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और इस्लामी देशों से इस विषय पर सतर्क रहने तथा मस्जिद-ए-अक्सा की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

