इस्राईल के कट्टरपंथी मंत्री बेन-गवीर के घर के पास ड्रोन गिरने से सुरक्षा अलर्ट
इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-गवीर के घर के पास एक ड्रोन गिरने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। इस्राइली मीडिया के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पुलिस, सुरक्षा बलों और अन्य संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया तथा पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई।
चैनल 14 इस्राइल की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि ड्रोन किस प्रकार का था, वह कहां से आया और उसे किसने भेजा। घटना में किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा और तकनीकी विशेषज्ञ ड्रोन के मलबे की जांच कर उसकी उत्पत्ति और उद्देश्य का पता लगाने में जुटे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक इस मामले पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।
इसी दौरान, पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) के दक्षिणी अल-ख़लील (हेब्रोन) क्षेत्र में फ़िलिस्तीनियों और इस्राइली बस्तीवासियों के बीच तनाव एक बार फिर हिंसक झड़प में बदल गया। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, झड़प के दौरान एक फ़िलिस्तीनी ने कथित तौर पर एक इस्राइली बस्तीवासी का हथियार छीन लिया और उसी हथियार से उस पर गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जबकि घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।
दूसरी ओर, फ़िलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO) ने आरोप लगाया है कि पिछले ढाई वर्षों में इस्राइली बस्तीवासियों ने फ़िलिस्तीनी प्रशासन के नियंत्रण वाले पश्चिमी तट के क्षेत्रों में 21 नई बस्तियाँ स्थापित की हैं। संगठन का कहना है कि इन बस्तियों के विस्तार से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और फ़िलिस्तीनियों की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है।
पीएलओ के राष्ट्रीय भूमि रक्षा एवं बस्ती-विरोधी कार्यालय के अनुसार, इस्राइली शासन इस संबंध में फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के साथ हुए समझौतों की अनदेखी करते हुए पश्चिमी तट में बस्तियों के विस्तार की नीति जारी रखे हुए है। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने और बस्तियों के विस्तार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील भी की है।

