यमन पर सऊदी अरब के 42 हवाई हमले, सना, ताइज़, लहज और मयून द्वीप बने निशाना
यमन में सऊदी अरब के लगातार हवाई हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। सना, ताइज़, लहज और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मयून द्वीप पर हमलों की खबरों के बीच यमन की संप्रभुता, नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री मार्गों की स्थिरता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
यमन से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ घंटों के दौरान सऊदी विमानों ने विभिन्न इलाकों में सिलसिलेवार हवाई हमले किए। अल-मयादीन के यमन स्थित संवाददाता ने बुधवार को बताया कि यमनी सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब के कुल 42 हवाई हमलों का पता लगाया है। इन हमलों में राजधानी सना, ताइज़ प्रांत, लहज और मयून द्वीप को निशाना बनाए जाने की खबर है।
लगातार हो रहे इन हमलों ने यमन में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है। सैन्य कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्षेत्र में जारी संघर्ष की कीमत आखिरकार आम नागरिकों को क्यों चुकानी पड़ रही है।
मयून द्वीप पर हमलों से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता
यमनी सशस्त्र बलों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मयून द्वीप पर सऊदी अरब के हवाई और मिसाइल हमलों से महत्वपूर्ण समुद्री नौवहन मार्गों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। यमनी पक्ष ने स्पष्ट किया कि समुद्री यातायात को होने वाले संभावित नुकसान और उससे पैदा होने वाले जोखिमों की जिम्मेदारी हमले करने वाले पक्ष की होगी।
मयून द्वीप की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए यहां सैन्य तनाव बढ़ना केवल यमन तक सीमित मामला नहीं है। इसका असर क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही पर भी पड़ सकता है। ऐसे में सैन्य कार्रवाई के संभावित परिणामों को नजरअंदाज करना गंभीर भूल साबित हो सकता है।
राजधानी सनआ पर हमले और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
भोर के समय सबा समाचार एजेंसी ने राजधानी सनआ पर सऊदी विमानों के हमले की जानकारी दी। यमन की राजधानी को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच यमनी सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब को चेतावनी दी थी कि यदि सनआ पर हमले जारी रहे, तो इसका जवाब रियाद में कड़ी कार्रवाई के रूप में दिया जा सकता है।
यमनी पक्ष की ओर से सऊदी अरब की राजधानी रियाद में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब दोनों पक्षों के बीच सैन्य तनाव लगातार गंभीर होता दिखाई दे रहा है। यमनी सशस्त्र बलों ने रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सऊदी अरब के भीतरी क्षेत्रों में अरामको की सुविधाओं को भी अपने निशाने पर लेने की बात कही है।
दूसरी ओर, सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, नज़रान और जाज़ान में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए। इससे स्पष्ट होता है कि संघर्ष का प्रभाव सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा रहा है।

