प्रियंका गांधी का असम की BJP सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस महासचिव और असम स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन प्रियंका गांधी ने गुवाहाटी में मीडिया से बात करते हुए राज्य की मौजूदा बीजेपी सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने संगठन की तैयारियों से लेकर राज्य के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों तक पर खुलकर अपनी बात रखी।
स्क्रीनिंग कमेटी सक्रिय, जनता से लिया जा रहा फीडबैक
प्रियंका गांधी ने बताया कि कांग्रेस लगातार अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों के लोगों से मिल रही है। स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं और सीधे जनता से संवाद स्थापित कर रहे हैं। उनका कहना था कि पार्टी जमीनी फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तय कर रही है।
जमीनें चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंपी जा रहीं’
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि असम की जनता मौजूदा बीजेपी सरकार से निराश है। लोगों के बीच यह भावना है कि राज्य की जमीनें चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंपी जा रही हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी।
गौरव गोगोई पर हमले को बताया ‘राजनीतिक टार्गेटिंग’
कांग्रेस नेता ने कहा कि गौरव गोगोई जनता के मुद्दों पर काम करने और आवाज उठाने की बात कर रहे हैं, इसलिए उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, ऐसी राजनीति को जनता पसंद नहीं करती। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में दो तरह के नेता होते हैं, एक वे जो सकारात्मक एजेंडे और जनता की बात करते हैं, और दूसरे वे जो केवल व्यक्तिगत हमलों में विश्वास रखते हैं। कांग्रेस ने हमेशा पहली राह चुनी है और आगे भी उसी पर चलेगी।
मुख्यमंत्री से सीधा सवाल- ‘आपने क्या काम किया?’
प्रियंका गांधी ने असम के मुख्यमंत्री से कहा कि वे राज्य की जनता को बताएं कि उन्होंने अब तक क्या काम किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के युवा और महिलाएं रोजगार चाहती हैं और यह जानना चाहती हैं कि सरकार उनके लिए क्या कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री युवाओं को गुमराह नहीं कर सकते और जनता अब जवाब मांग रही है।
जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि
गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने दिवंगत गायक जुबिन गर्ग को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जब जुबिन गर्ग नहीं रहे, तब पूरे असम ने देखा कि जनता उन्हें कितना प्रेम करती है। उनके गानों में प्रेम, एकता और असम की संस्कृति व सभ्यता की झलक मिलती थी।
प्रियंका गांधी ने कहा कि जुबिन गर्ग राजनीति से ऊपर थे और वे असम की आत्मा की आवाज थे। लोग उनसे इसलिए जुड़े क्योंकि उन्होंने आम लोगों की भावनाओं को स्वर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी महान शख्सियतों का राजनीतिक फायदा नहीं उठाया जाना चाहिए। यह पूरी तरह से गलत होगा।
“हमारी लड़ाई संस्कृति और विरासत की रक्षा के लिए”
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि उनकी पार्टी की लड़ाई असम की संस्कृति और विरासत की रक्षा के लिए है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जागरूक बनें और उसी नेतृत्व को चुनें जो राज्य को मजबूत बनाने और जनता के लिए काम करने की प्रतिबद्धता दिखाए।
गुवाहाटी में दिए गए इन बयानों के जरिए प्रियंका गांधी ने एक ओर संगठन की सक्रियता का संदेश दिया, तो दूसरी ओर राज्य सरकार को सीधे चुनौती भी दी। जमीन, रोजगार, राजनीतिक हमले और सांस्कृतिक विरासत जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर उन्होंने असम की जनता से सीधा संवाद साधने की कोशिश की।

